क्षेत्र में बीती रात मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि किसानों की मेहनत और मवेशियों पर भारी आफत आ गई। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि ने जहां खेतों में खड़ी गेहूं की तैयार फसल को जमीन पर बिछा दिया। वहीं, धर्मूचक गांव में बिजली गिरने से 18 भेड़, दो बकरी और एक गाय की दर्दनाक मौत हो गई। इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है।
सबसे अधिक नुकसान आकाशीय बिजली गिरने से मारखम ग्रांट धर्मूचक गांव में हुआ है। ग्राम प्रधान परमिंदर सिंह बाउ ने बताया कि बिजली गिरने से कलम सिंह पाल की 18 भेड़ों के अलावा दो बकरियां और एक गाय की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि लेखपाल से मुआयना कराया गया है।
प्रशासन से जल्द मुआवजा देने की मांग की गई है। बिजली भेड़ों के झुंड पर आकर गिरी थी। डोईवाला के नायब तहसीलदार राजेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि जिन क्षेत्रों में नुकसान हुआ है, संबंधित लोगों को आपदा के तहत मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं, देर रात तेज गति से हवाओं चलने के साथ जमकर बारिश हुई। बारिश के कारण डोईवाला के मारखम ग्रांट, हंसूवाला, कुड़कावाला, दूधली, माजरी ग्रांट आदि कई क्षेत्रों में खेतों में तैयार हो रही गेहूं की फसल नीचे गिर गई है। तेज हवाओं के कारण डिग्री कॉलेज डोईवाला के समीप एक पेड़ गिर गया। पेड़ सड़क के किनारे तक ही रहा, जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ।
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किसानों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
ओलावृष्टि और तूफान से क्षतिग्रस्त हुई गेहूं की फसल के मुआवजे की मांग को लेकर सोमवार को किसानों ने उपजिलाधिकारी डोईवाला अपर्णा ढौंडियाल को ज्ञापन सौंपा। किसान अब्दुल खालिद ने बताया कि रविवार को ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं की फसल गिर गई है। महताब आलम ने बताया कि पौधे का वजन काफी बढ़ जाने से अब दोबारा उठने की स्थिति में नहीं है। साकिर हुसैन ने एसडीएम से आग्रह किया कि त्वरित कार्रवाई कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा शीघ्र दिलाया जाए। ज्ञापन देने वालों में हाजी इकबाल, हसन रिजवान, खुर्शीद ,सलीम, बुंदु, मोहम्मद जावेद, गुलाब साबिर आदि मौजूद रहे।