ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
नगर में कांजी हाउस की भूमि पर एक व्यक्ति ने अवैध कब्जा कर दुकान खोल ली है। इस अवैध कब्जे को खाली कराने के लिए मुख्य नगर आयुक्त के नेतृत्व में बीते दिनों टीम गई थी। इसके बावजूद अतिक्रमण हटवाने का सारा काम सिर्फ कागजों में चल रहा है।
बस अड्डा स्थित कांजी हाउस की जमीन पर अवैध कब्जे का खेल 10 अप्रैल 2017 से शुरू हुआ। तत्कालीन नगर पालिका के सभासदों ने हस्ताक्षरयुक्त पत्र तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष को सौंपा था। इसमें नरेंद्र रतूड़ी नामक व्यक्ति ने अनुरोध किया था उसके पिता के समय से यात्रा बस अड्डे पर खोखा लगाकर रोजगार किया जाता रहा है। यही उसके परिवार के भरण पोषण का मुख्य साधन है। बोर्ड मानवीय दृष्टिकोण के आधार पर खोखे की जगह पक्की दुकान बनवाकर दे। इसकी एवज में पालिका प्रबंधन जो भी किराया तय करेगा उसका भुगतान किया जाएगा। इसके बाद कई चरण के अभियान के बावजूद नरेंद्र रतूड़ी का खोखा अभीतक वहां से हटाया नहीं जा सका है।
यही नहीं इस संदर्भ में अफसरों और अवैध कब्जेदार ने तत्कालीन पालिका सभासदों और नगर विकास मंत्री मदन कौशिक को गुमराह कर संस्तुति करा ली। इसके बाद नरेंद्र रतूड़ी ने बिना अनुमति के कांजी हाउस की जमीन पर बेहिचक कब्जा जमा लिया है। कांजी हाउस की जमीन पर अवैध खोखा लगाने पर तत्कालीन पालिका प्रबंधन ने नोटिस जारी किया था। 20 सितंबर 2016 को अवैध खोखे को हटाने का नोटिस दिया गया था। इसके पहले डीएम ने भी 16 सितंबर 2016 को तत्काल कारवाई के निर्देश दिए थे। 29 सितंबर 2016 को तत्कालीन टैक्स सुप्रिंटेंडेंट (टीएस) ने झूठी रिपोर्ट लगा दी कि अतिक्रमण हट गया है। हाल ही में मुख्य नगर आयुक्त प्रेमलाल ने मौका मुआयना कर अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद कब्जा बरकरार है।
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मुझे नहीं मालूम बस अड्डे पर कांजी हाउस की भूमि है। यदि उस पर अवैध कब्जा हुआ है तो बेहद गलत है। जिस दुकान की बात हो रही है उसका मैंने भी निरीक्षण किया था। अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
-प्रेमलाल, मुख्य नगर आयुक्त
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मेरी दुकान कई वर्षों से चल रही है। इसमें कोई अनियमितता नहीं है। यदि कोई नोटिस जारी किया गया है तो वह मुझे प्राप्त नहीं हुआ है। बोर्ड में प्रस्ताव पास करने के बाद ही दुकान आवंटित की गई है।
-नरेंद्र रतूड़ी, दुकानदार