ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला। स्वामीराम हिमालयन यूनिवर्सिटी (एसआरएचयू) में अंतरराष्ट्रीय मिडवाइफ दिवस के उपलक्ष्य में गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें सुरक्षित मातृत्व में मिडवाइफ की भूमिका की चर्चा की गई। हिमालयन कॉलेज ऑफ नर्सिंग के सभागार में आयोजित गोष्ठी का उद्घाटन प्रिंसिपल डॉ. संचिता पुगाजड़ी ने किया। कार्यक्रम में महिला स्वास्थ्य को दर्शाते हुए पोस्टर प्रदर्शनी और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। डॉ. पुगाजड़ी ने कहा कि मिडवाइफ के योगदान के बारे में जागरुकता लाने के लिए मिडवाइफ दिवस मनाया जाता है। सुरक्षित मातृत्व सहित स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय कार्यक्रम के क्रियान्वयन में मिडवाइफ की भूमिका सराहनीय होती है।
उन्होंनें कहा कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य के दूर दराज के क्षेत्रों में तैनात मिडवाइफ प्रशंसनीय कार्य कर रही हैं। डॉ. लेखा विश्वनाथ ने कहा कि इस वर्ष की थीम डिफेंडर्स ऑफ वुमंस राइट है। मिडवाइफ किशोरियों और महिलाओं के स्वास्थ्य से संबधित अधिकारों की रक्षक है। डॉ. बानिश्री ने महिलाओं के अधिकार और जरूरत, डॉ. कंचन बाला और रीना हाबिल ने सुरक्षित मातृत्व और देखभाल, डॉ. रतन सिंह ने महिलाओं के कानूनी अधिकार विषय के बारे में बताया। इस दौरान गीता सिंह, जयबुन्निशा आदि मौजूद थे।