ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। एम्स के अस्थि रोग विभाग में एक 16 वर्षीय लड़की की हड्डी के ट्यूमर की सफल सर्जरी की गई। ट्यूमर ने मरीज के टखने की हड्डी को पूरी तरह से खोखला कर दिया था। इसके कारण मरीज के एक पैर में चार महीने से अत्यधिक दर्द रहता था, जिसके कारण वह चलने फिरने में लाचार थी। अस्थि रोग विभागाध्यक्ष प्रो. शोभा एस अरोड़ा की अगुवाई में चिकित्सकीय टीम ने इस जटिल ऑपरेशन को अंजाम दिया। सर्जरी से लड़की के ट्यूमर ग्रस्त टखने की हड्डी को निकाल दिया गया। उसके स्थान पर एम्स संस्थान के बोन बैंक में संरक्षित कुल्हे की हड्डी का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण किया गया।
अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप कुमार मीणा ने बताया कि यह आपरेशन अपनी तरह का पहला है। ऑपरेशन के बाद लड़की पूरी तरह स्वस्थ है, वह जल्द बिना लचक व दर्द के अपने पैरों पर चलने लगेगी। एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने बताया कि ऋषिकेश एम्स मरीजों को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। इससे मरीजों को उपचार के लिए राज्य से बाहर के अस्पतालों में परेशान नहीं होना पड़ेगा।