ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। प्रदेश में सरकार ने एस्मा ( आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम) लागू कर दिया है, वहीं दूसरी ओर सरकारी आदेश को ठेंगा दिखाते हुए एसपीएस चिकित्सालय ऋषिकेश के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सहित छह चिकित्सक छुट्टी पर चले गए हैं। सोमवार को कुल आठ चिकित्सक ही ड्यूटी पर तैनात थे। पहले चिकित्सालय में दस चिकित्सकों के पद रिक्त चल रहे हैं। ऐसे में छह चिकित्सकों के छुट्टी पर जाने के कारण अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति गंभीर हो गई है।
क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट की जगह उत्तराखंड हेल्थकेयर एक्ट लागू करने की मांग को लेकर लामबंद निजी चिकित्सालय संचालकों व चिकित्सकों के आंदोलन के मद्देनजर शासन ने बीते शनिवार को प्रदेश में एस्मा लागू कर दिया था। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. टीसी पंत ने सभी सीएमओ को जिला अस्पतालों के अलावा सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज की व्यवस्था करने की हिदायत दी थी।
चिकित्सालयों में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ व कर्मचारियों की कमी मरीजों पर भारी न पड़े इसके लिए अवकाश पर रोक लगाई गई थी। ऐसी नाजुक स्थिति के बीच ऋषिकेश के एकमात्र राजकीय चिकित्सालय में मुख्य चिकित्साधीक्षक सहित छह चिकित्सक छुट्टी पर चले गए हैं। इन सभी चिकित्सकों की छुट्टी सीएमएस ने स्वीकृत की और खुद भी सोमवार से छुट्टी पर चले गए। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसके गुप्ता से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। डॉ. गुप्ता से बातचीत होने के बाद उनका पक्ष भी प्रकाशित किया जाएगा।
यह चिकित्सक हैं छुट्टी पर
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एनएस तोमर, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एमपी सिंह, दांत रोग विशेषज्ञ डॉ. नीना सैनी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. चंद्र प्रकाश त्रिपाठी, डॉ. रोहित उपाध्याय, डॉ. निधि उपाध्याय छुट्टी पर रहे।
कोट्स
मुझे सीएमएस का प्रभार सोमवार से ही मिला है, कर्मचारियों की छुट्टी पर रोक संबंधी स्वास्थ्य विभाग का शासनादेश मुझे अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। शासनादेश मिलने के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकेगा।
- डा. विजयेश भारद्वाज, प्रभारी सीएमएस राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश।