ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। नगर निगम की ओर से लंबे समय से विद्युत विभाग और जल संस्थान के बिल जमा नहीं किए गए। बिल न भरने के कारण निगम के ऊपर एक करोड़ 22 लाख रुपये की देनदारी हो गई है। लगातार बढ़ रहे देनदारी के बोझ के बाद अब निगम अधिकारी संशय की स्थिति में हैं। हालात यह हैं कि अधिकारी अभी भी बकाएदारी देने के बजाए बिलों के सत्यापन करने की बात कर रहे हैं। निगम अधिकारियों की लापरवाही के कारण विद्युत विभाग का दो साल का बिल जमा नहीं किया गया, ऐसे में देनदारी 68 लाख 85 हजार रुपये पहुंच गई है। नगर निगम का यह बकाया कुल 33 कनेक्शन का है।
ऐसा ही हाल जल संस्थान में भी है। निगम ने पिछले दस वर्षों से जल संस्थान का बिल जमा नहीं करवाया, ऐसे में देनदारी 53 लाख 19 हजार रुपये पहुंची गई है। यह देनदारी निगम के 25 कनेक्शन की है। दोनों ही विभाग नगर पालिका परिषद के समय से अधिशासी अधिकारी के नाम पर बिल देते थे। अब वर्तमान में नगर निगम बनने के बाद सहायक नगर आयुक्त के नाम पर यह बिल आता है।
बिलों की जांच में जुटा है निगम
सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी का कहना है कि बिजली बिल का बकाया स्ट्रीट लाइटों का है। आखिर दो साल में स्ट्रीट लाइटों का बिल लाखों रुपये कैसे पहुंचा? इसके लिए बिजली बिल की जांच की जाएगी। जबकि जल संस्थान ने नगर क्षेत्र में चल रहे कई अवैध कनेक्शनों को निगम के नाम पर चढ़ा रखा है। जल संस्थान के अधिकारियों से पानी के बिल की सत्यता के लिए पत्राचार किया है। जल्द ही पानी के कनेक्शन के भौतिक सत्यापन के लिए टीम गठित की जाएगी। जांच के बाद जितना बकाया शेष होगा, उसका भुगतान किया जाएगा।