ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। मानसून की पहली बारिश ने ऋषिकेश और आसपास क्षेत्र में खूब तबाही मचाई। कहीं दीवारें गिरी तो कहीं पेड़ गिरकर मकान क्षतिग्रस्त हो गए। शनिवार को हुई तेज बारिश और आंधी से एक बुजुर्ग के ऊपर दीवार गिर गई। स्थानीय लोग निजी वाहन के जरिए उन्हें एम्स ले गए जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शाम साढ़े 4 बजे तेज आंधी और बारिश होने के कारण बैराज रोड पोस्ट ऑफिस के समीप पशुलोक की 10 फीट ऊंची दीवार के नीचे 64 वर्षीय बुजुर्ग राम अवध खड़े हो गए। तभी अचानक पशुलोक की दीवार उनके ऊपर गिर गई। यह देख आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। पार्षद लव कांबोज स्थानीय साथियों के साथ उन्हें मौके से उठाकर एम्स ऋषिकेश ले गए।, जहां चिकित्सकों ने बुजुर्ग को मृत घोषित कर दिया। बता दें कि इससे पूर्व भी यही दीवार दो बार ढह चुकी है।
वहीं 14 बीघा लक्ष्मणझूला रोड पर घर के बाहर आंगन का टीन का छज्जा उड़ गया, जो सीधे बाहर पार्क कार के ऊपर जा गिरा। इससे कार क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं गुलरानी क्षेत्र वार्ड-13 में खैर का एक पेड़ झोपड़ी पर गिर गया। इससे झोपड़ी गिर गई। उस समय झोपड़ी में दंपति दिलीप और मनरूपा मौजूद थे। मनरूपा को हल्की चोट आई। वहीं घरेलू सामान का काफी नुकसान हुआ।
एसडीओ अरविंद नेगी के मुताबिक बैराज मार्ग पर तेज आंधी की चपेट में आने से कई पेड़ गिर गए। इससे विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं है। इसके अलावा यहां चार विद्युत पोल टूट गए। बनखंडी, रेलवे रोड, देहरादून रोड, हीरालाल मार्ग, शांतिनगर, गंगानगर, इंद्रानगर, आशुतोष नगर, शैल विहार, तिलक रोड, गोविंद नगर, हरिद्वार रोड, लाजपतराय मार्ग, मुखर्जी मार्ग, झंडा चौक, त्रिवेणी घाट, आवास विकास, बैराज मार्ग, काले की ढाल, गीता नगर, नंदू फार्म, मीरा नगर, गुमानीवाला, अमित ग्राम, भट्टोवाला तक करीब चार घंटे विद्युत सेवा बाधित रही। उन्होंने बताया कि गुमानीवाला फाटक पर भी पेड़ गिरने से यातायात और विद्युत सेवाएं ठप रहीं। देर शाम सेवाएं दुरुस्त की जा सकीं।
पांच मिनट में ही गच्चा दे गई बारिश
ऋषिकेश/श्यामपुर। दिन भर जबरदस्त गरमी के बाद जब शनिवार शाम मानसून की पहली बारिश हुई तो लोग मौसम खुशनुमा होने की आस में झूम उठे, लेकिन यह बारिश पांच मिनट में ही गच्चा दे गई। मौसम खुल गया। एक बार फिर धूप निकलने से माहौल में उमस थी।
जरा सी बारिश से ही हुआ जलभराव
ऋषिकेश। शहर में बारिश चंद मिनट रही, लेकिन इतने में ही कई जगह जलभराव की स्थिति हो गई। सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण कई जगह पानी लोगों के घरों में भी घुस गया।