ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
लोहे के कबाड़ में घपले का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को इसी तरह का एक नया खुलासा हुआ है। करीब आठ महीने पहले बस अड्डे के सौंदर्यीकरण में निकले कबाड़ को निगम प्रशासन ने प्रगति विहार के एक खाली प्लाट में डंप कर दिया था। बुधवार को अमर उजाला की पड़ताल में कई कुंतल लोहे का कबाड़ डंप मिला। सूचना मिलते ही निगम कर्मचारियों ने आननफानन में उसे ट्रालियों में भरकर निगम परिसर में जमा कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक करीब आठ महीने पहले बस अड्डा परिसर में सौंदर्यीकरण अभियान चलाया गया है। इस दौरान पुरानी रेलिंग, पोल, सरकारी बोर्ड हटाए गए थे। कई टन लोहे के कबाड़ को नीलामी के जरिए बेचने की बजाए निगम प्रशासन ने गुपचुप तरीके से प्रगति विहार के एक खाली प्लाट में डंप कर दिया। इसमें से कई कुंतल कबाड़ गायब भी हो चुका है। बुधवार को अमर उजाला टीम को इस गोरखधंधे का पता चला। इसकी सूचना मिलते ही निगम प्रशासन में खलबली मच गई। आननफानन में निगम के ट्रैक्टर ट्रॉलियां तहसील रोड स्थित प्रगति विहार के खाली प्लाट की ओर दौड़ पड़ीं। करीब दो ट्रालियों में भरकर कबाड़ को निगम परिसर में जमा किया गया है।
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जिस ठेकेदार को बस अड्डा परिसर के सौंदर्यीकरण का ठेका दिया गया था उसका भुगतान अभी नहीं किया गया है। बस अड्डे से निकले कबाड़ का लेखाजोखा सुरक्षित है। ठेकेदार को भुगतान न होने के कारण कबाड़ को खाली प्लाट में डंप किया गया था। ब्योरा मिलाने के बाद यदि कबाड़ में कमी पाई गई तो ठेकेदार के भुगतान से उसी अनुपात में कटौती की जाएगी। दो दिन पहले ही ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है।
-आनंद मिश्रवाण, सहायक अभियंता, नगर निगम