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आत्मा और परमात्मा का मिलन ही सच्चा योग

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ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्म कुमारी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में लोगों को प्राचीन योग के महत्व से रूबरू कराया गया। चांदमारी रोड़ दूधली में स्थित विश्वविद्यालय की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हरिद्वार केंद्र की मीना दीदी ने कहा कि योग शब्द का अर्थ जोड़ना है। अध्यात्म के संदर्भ में आत्मा और परमात्मा का मिलन ही सच्चा योग है। कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आसन जरूरी है, लेकिन काम, क्रोध, लोभ और मोह आदि विकारों से आत्मा को दूर करने के लिए राजयोग मेडिटेशन जरूरी है।
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श्रम संविदा बोर्ड उत्तराखंड के अध्यक्ष शमशेर सात्याल ने कहा कि राजयोग हमें सकारात्मक सोच बनाने में सहायता प्रदान करता है। लाखों की तादाद में लोग राजयोग को आत्मसात कर तनावमुक्त और शांतिमय जीवन जी रहे है। मुख्यमंत्री के जनसंपर्क अधिकारी शैलेंद्र त्यागी ने कहा कि मन को विकारों से मुक्त बनाने और मन की शांति के लिए राजयोग को आत्मसात करना होगा। बीके सुशील कुमार ने कहा कि राजयोग सुख और शांति का आधार है। हमें राजयोग मेडिटेशन को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। कार्यक्रम में डोईवाला केंद्र की शालू दीदी, वरिष्ठ समाजसेवी विक्रम सिंह नेगी, लोकहितकारी परिषद के अध्यक्ष अश्वनी गुप्ता, विनोद चौहान, कल्पना कुशवाहा, ओमप्रकाश गुप्ता, विमल कुमार, राजकुमार, उर्मिला गुप्ता, प्रेमवती आदि मौजूद थे।
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