ब्यूरो/अमर उजाला, रायवाला। वन क्षेत्र में तैनात वनकर्मी अब ड्यूटी से बंक नहीं मार पाएंगे। वन क्षेत्र में गश्त करने वाले सुरक्षाकर्मियों की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए स्पेशल सॉफ्टवेयर से तैयार मोबाइल एप तैयार किया गया है, जोकि वनकर्मियों की हर गतिविधि की सूचना बीट अधिकारियों को देगा। वन बीट अधिकारियों को आधुनिक तकनीक से लैस मोबाइल फोन उपलब्ध कराए गए हैं जोकि आफ लाइन होने पर भी वनकर्मियों की जंगल में लोकेशन की जानकारी देगा। एमएस ट्रैप एप से लैस फोन को जंगल की हर बीट के चप्पे चप्पे पर नजर रखने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
विशेष साफ्टवेयर वाले कुल 40 मोबाइल आठ रेंजों को मुहैया कराए गए हैं। इसमें से प्रत्येक रेंज में पांच मोबाइल दिए गए हैं। यह वन महकमे के आला आधिकारियों को हर गतिविधि की जानकारी उनके मोबाइल पर उपलब्ध कराएगा। रेंज अधिकारी एसएस नेगी ने बताया कि विभाग की ओर से बीट अधिकारियों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराए गए हैं। इससे गश्त के दौरान उनकी मोबाइल लोकेशन ट्रेस होती रहेगी, कि वनकर्मी किस लोकेशन में है।
लापरवाही की आ रही थी शिकायतें
वन कर्मियों पर गश्त के दौरान लापरवाही की शिकायत आती रहती हैं। विशेष साफ्टवेयर मोबाइल एप तैयार होने के बाद शिकायतों पर विराम लगेगा। गश्ती दल की प्रत्येक लोकेशन पर पुख्ता निगरानी रहेगी। इसके अलावा एप सुरक्षाकर्मियों को गश्त के दौरान दिए गए उनके विभिन्न लक्ष्यों, आपात सुरक्षा संचार सुविधा टीम को उपलब्ध कराता है। ट्रायल के तौर पर मोबाइल एप का उपयोग शुरू हो चुुुका है।