ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। पौड़ी के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मदन सिंह रावत ने 30 अप्रैल को अपने स्तर से एक आदेश जारी कर कुछ ब्लॉकों के स्कूलों में प्रभारी प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को आहरण-वितरण का अधिकार दे दिया। गुपचुप तरीके से आदेश जारी करने से पूर्व न तो निदेशालय और न ही शासन से पूर्व अनुमति ली गई। दरअसल 2012 में जारी हुए एक शासनादेश को इसका आधार बनाया गया है। जबकि पूर्व के शासनादेश को लागू करने में भी पूर्व अनुमति ली जानी चाहिए या फिर लागू करने के बाद निदेशालय को अवगत कराना अनिवार्य होता है। फिलहाल ऐसी कोई औपचारिकता नहीं अपनाई गई।
प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी खुद भी प्रभारी अधिकारी हैं। लिहाजा वे स्वयं ताजा आदेश से लाभान्वित होने वालों की श्रेणी में स्वत: आ जाते हैं। आहरण वितरण का अधिकार मिल जाने के बाद विद्यालयों के वेतन, अन्य बिल प्रभारी प्रधानाध्यापक/प्रधानाचार्यों के हस्ताक्षर से पास होंगे। इस आदेश से न सिर्फ विसंगतियां पैदा हो गई हैं बल्कि दुर्गम और अति दुर्गम क्षेत्र में तैनात प्रभारी प्रधानाचार्यों के समक्ष कई तरह की कठिनाईयां पैदा हो गई हैं।
इन विद्यालयों में प्रभावी हुए आदेश
ऋषिकेश। प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी आदेश के तहत उन विद्यालयों में फैसला लागू हुआ है जिनमें पूर्णकालिक प्रधानाचार्य कार्यरत नहीं हैं। इनमें विकास खंड वीरोंखाल के राइंकॉ वीरोंखाल, राइंकॉ फरसाड़ी, राइंकॉ भगवतीतलिया, राइंकॉ ढौंढ, राउमावि मरईखाल, राउमावि चोपताखाल, राउमावि देवीखालकोठा, राउमावि डुलमोट, कार्यालय खंड शिक्षा अधिकारी वीरोंखाल, राइंकॉ स्यूंसी, राइंकॉ बैजरो, राइंकॉ वेदीखाल, राइंकॉ सैधार, राइंकॉ जसपुर, राउमावि जिवई, राउमावि चारखिंडा, राइंकॉ घोड़ियानाखाल, राबाइंकॉ वीरोंखाल, राइंकॉ सुंदरनगर, राइंकॉ बाड़ाडांडा, राउमावि थापला और राउमावि पडिंडा शामिल हैं।
कोट्स
मामला संज्ञान में है, लेकिन अभी तक कुछ कहा नहीं जा सकता। पौड़ी के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी आदेशों की जांच करने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। फिलहाल निदेशालय को आदेश की कॉपी उपलब्ध नहीं करवाई गई है।
- रामकृष्ण उनियाल, अपर निदेशक, माध्यमिक शिक्षा
वर्ष 2012 में जारी निर्देशों के अनुसार आहरण वितरण का अधिकार खंड शिक्षा अधिकारी या स्थायी प्रधानाचार्यों को दिया गया है। आदेश की प्रतिलिपि शासन और निदेशालय को भेज दी गई है। यदि नहीं पहुंची है तो पत्रावली पहुंचाना वित्त नियंत्रक का काम है।
- मदन सिंह रावत, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, पौड़ी