ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। हौसला अगर बुलंद हो तो मंजिल पाना मुश्किल नहीं। मजबूत इरादों के दम पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इसकी बानगी शिवानी पुंडीर ने साबित की है। परीक्षा के ठीक एक दिन पहले शिवानी के पिता का स्वर्गवास हो गया था। इस घटना से वह टूटी नहीं बल्कि पिता के चरणों में अंतिम प्रणाम प्रेषित कर परीक्षा में बेहतर तरीके से सफल होने का संकल्प लिया। इसी जज्बे का नतीजा है कि शिवानी ने सीबीएसई की दसवीं परीक्षा में 84.4 प्रतिशत अंक हासिल किए।
बीते सात मार्च को सीबीएसई की दसवीं परीक्षा आरंभ हुई थी। सात मार्च को गणित विषय का पेपर होना था। ठीक एक दिन पूर्व छह मार्च की शाम को बीमारी से के कारण श्यामपुर निवासी शिवानी के पिता उदय पुंडीर का निधन हो गया था। सिर पर पिता का साया उठने के कारण एक बार शिवानी थोड़ा टूट गई लेकिन, उन्होंने हार नहीं मानी। परिवार के लोगों ने शिवानी को घर से दूर रख कर पढ़ाई जारी रखने की सलाह दी। शिवानी ने भी पढ़ाई जारी रखी और हालात के आगे जीतने का संकल्प लिया। शिवानी एनडीएस स्कूल की छात्रा है, वह सात मार्च की सुबह पिता के चरणों में अंतिम बार नमन कर आईडीपीएल स्थित परीक्षा केंद्र केंद्रीय विद्यालय पहुंची।
सोमवार को सीबीएसई का दसवीं का परिणाम आया। इसमें शिवानी पुंडीर ने 84.4 प्रतिशत अंक हासिल किए। शिवानी ने बताया कि उनके पिता उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे। अब वह डॉक्टर बनेगी। इसके लिए उन्होंने 11वीं कक्षा में बॉयो विषय लिया है। शिवानी का कहना है कि वह पिता के सपने को पूरा करने के लिए जी-तोड़ मेहनत करेंगी। साथ ही डॉक्टर बनकर मरीजों की सेवा करेंगी जिससे कोई इलाज के अभाव में असमय मौत का शिकार न हो सके।