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अवैध निर्माण पर कार्रवाई की बजाए अधिकारी कर रहे टालमटोल

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- फोटो : amar ujala
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश
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वीरभद्र ब्लॉक में वन भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण पर विभाग के अधिकारी ही टालमटोल करते दिख रहे हैं। आलम यह है कि एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है लेकिन अब तक सर्वे का काम पूरा नहीं हो पाया है। यही वजह है कि वन विभाग स्पष्ट नहीं कर पा रहा है कि निर्माणाधीन भूमि उसकी है भी या नहीं। उधर, निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है। बता दें कि वीरपुर खुर्द के वीरभद्र ब्लॉक में रंभा नदी के तट से सटी हुई वन विभाग की करीब 701 हेक्टेयर भूमि है। निषिद्घ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य किया जा रहा है। इतना ही नहीं, निर्माणकर्ता ने यहां तारबाड़ से हुए सीमांकन को भी खुदबुर्द कर दिया है।

मामला प्रकाशित होने के बाद वन क्षेत्राधिकारी आरपीएस नेगी ने मौका मुआयना कर जांच की सिफारिश डीएफओ राजीव धीमान को भेजी थी। इसके 16 दिन बाद डीएफओ से जांच विषय पर बात की गई तो उन्होंने बताया था कि प्राथमिक रूप से इसका सर्वे किया जाना है। रेंजर की ओर से सर्वे की रिपोर्ट रेंजर हमारे पास भेजेंगे उसके आधार पर ही जांच और कार्रवाई की जाएगी।
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अफसर एक दूसरे पर टाल रहे मामला
वीरभद्र ब्लाक में वन भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण पर पहले तो विभाग नजरंदाज करता रहा। जब अमर उजाला ने इस मामले को उठाया तो रेंजर आरपीएस नेगी ने जांच की सिफारिश डीएफओ को भेज अपना पल्ला झाड़ लिया। काफी दिन तक तो रेंजर यह कहकर बचते रहे कि जांच डीएफओ को करनी है। वहीं डीएफओ राजीव धीमान ने यह कहकर पल्ला झाड़ दिया कि कर्मचारी नहीं हैं लिहाजा सर्वे और जांच नहीं हो पा रही है। आखिरकार शुक्रवार को उन्होंने वापस जांच का ठीकरा रेंजर के सिर फोड़ दिया। उन्होंने कहा कि सर्वे का कार्य रेंजर ने कर लिया है। वह रिपोर्ट भेजेंगे उसी के आधार पर अग्रिम कार्रवाई होगी। जबकि रेंजर से वार्ता की गई तो उन्होंने कहा कि अभी सर्वे नहीं हुआ है। बृहस्पतिवार को सर्वेयर टीम के साथ मौके पर गया था। कंपास से किए गए सर्वे पर संदेह हो रहा है। सर्वेयर अपनी पूरी टीम के साथ सोमवार को प्लेन टेबल सर्वे करने पहुंचेंगे।

सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। सर्वे की रिपोर्ट वन क्षेत्राधिकारी की ओर से दी जानी है। रेंजर की रिपोर्ट मिलते ही जांच शुरू कर दी जाएगी
- राजीव धीमान, डीएफओ
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