ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
एम्स के स्त्री रोग विभाग की ओर से आयोजित सर्विक्स कैंसर जनजागरूकता अभियान बुधवार को शुरू हो गया है। इस दौरान संस्थान की टीम ने हरिचंद गुप्ता आदर्श कन्या इंटर कॉलेज में छात्राओं व महिला शिक्षकों को जरूरी जानकारियां दीं।
चिकित्सकों ने बताया कि वर्ष 2018 में देश की 16.5 प्रतिशत महिलाएं सर्विक्स कैंसर से ग्रस्त रहीं। एम्स निदेशक प्रोफेसर डॉ. रवि कांत ने बताया कि सर्विक्स कैंसर महिलाओं पाए जाने वाला दूसरा सर्वाधिक कैंसर है। सर्विक्स कैंसर की रोकथाम के लिए वैक्सीन उपलब्ध है। सर्विक्स कैंसर के शुरुआती दौर में उपचार आसानी से किया जा सकता है। गायनी विभागाध्यक्ष डॉ. जया चतुर्वेदी व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शशि प्रतीक ने बताया कि यदि लड़कियों को किशोरावस्था में एचपीबी वैक्सीन लगा दी जाए तो उनमें सर्विक्स कैंसर की आशंका समाप्त हो जाती है। सर्विक्स कैंसर का पता लगाने के लिए पैपिस्मियर टेस्ट जरूर कराना चाहिए। कैंसर ह्यूमेन पैपिलोमा नामक वायरस के कारण होता है, जिसे एचपीबी वैक्सीन से समाप्त किया जा सकता है। इस मौके पर डॉ. अनुपमा बहादुर, डॉ. किरन, डॉ. देवाशीष दास, विद्यालय की प्रधानाचार्य पूनम रानी शर्मा, मंजू बडोला, संध्या गुप्ता, ममता राजपूत, पिंकी नेगी, पूजा गौड़, निधि मौर्य आदि मौजूद रहीं।