तहसील क्षेत्र में सरकारी भूमि पर बड़ी संख्या में अतिक्रमण किया गया है। यमकेश्वर और जाखणीखाल तहसील में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के कुल 108 मामले सामने आए हैं। जिसको लेकर राजस्व विभाग की ओर से अतिक्रमण करने वालों पर बेदखली की कार्रवाई एसडीएम कोर्ट में गतिमान हैं।
दूसरे प्रदेश के लोगों की ओर से बड़े पैमाने पर व्यावसायिक प्रयोजन के लिए खरीदी गई जमीनों पर कैंप, रिजॉर्ट, होटल निर्मित किए गए। रिजॉर्ट, होटल संचालकों ने नाप खेत की जमीन के अगल-बगल स्थित सरकारी भूमि पर भी निर्माण करा दिया है। कुछ स्थानों पर कच्चा निर्माण दिखाने के लिए अस्थाई टीन शेड बनाए गए हैं।
कई रिजॉर्ट संचालकों के सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण को तहसील प्रशासन पूर्व में रुकवा या तुड़वा चुका है। लक्ष्मणझूला कांडी मार्ग पर खैरखाल में पिछले वर्ष अतिक्रमण पर कार्रवाई करते हुए एक रिजॉर्ट संचालक की अवैध रूप से बनाई सड़क को बंद किया गया था। कुछ दिन बाद ही इस सड़क को दोबारा बना दिया गया।
यमकेश्वर तहसील अंतर्गत कुछ स्थानों पर सरकारी भूमि पर रात के समय सड़क काटी गई। कुछ होटल रिजॉर्ट संचालक सरकारी भूमि पर वाहनों की पार्किंग भी बनाए हैं।
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कोट
दोनों तहसीलों में कुल 108 जगह पर अतिक्रमण पाया गया है। बेदखली की कार्यवाही कोर्ट में लंबित है। अतिक्रमण करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - सीएस चौहान, एसडीएम यमकेश्वर