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आपदा राहत बचाव कार्य में भी फैला क्षेत्रवाद...

Fri, 21 Jun 2013 10:38 AM IST
देहरादून/ब्यूरो
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वोट के लिए क्षेत्रवाद तो समझ में आता है लेकिन राहत एवं बचाव कार्य में भी यदि क्षेत्रवाद आ जाए तो स्थिति शर्मनाक हो जाती है।
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लेकिन बृहस्पतिवार को ऐसा एक वाकया जब दून के सहस्रधारा हेलीपैड पर देखने को मिला तो हर कोई हैरान रह गया।

पहाड़ में आई आपदा में हजारों तीर्थयात्री फंसे हैं। उन्हें बचाने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।

उत्तराखंड की तबाही पर संपूर्ण कवरेज देखने के लिए क्लिक करें

ऐसे में यदि किसी प्रदेश का अधिकार किसी हेलीकाप्टर को केवल इसलिए खड़ा करा दे, क्योंकि उस चॉपर का पायलट उनके प्रदेश के यात्री को न लाकर किसी दूसरे राज्य के गंभीर घायल यात्री को लाया, तो इसे क्या कहेंगे?

केवल पंजाब के ही यात्रियों को लाएगा
पंजाब सरकार के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को एक हेलीकाप्टर हायर किया। इसके बाद पायलट को हिदायत दी कि वह केवल पंजाब के ही यात्रियों को लाएगा। लेकिन पहले ही चक्कर में हेलीकाप्टर का पायलट रहम कर गया। वह फाटा पहुंचा तो वहां हैदराबाद के एक परिवार के छह लोगों की स्थिति गंभीर थी।
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तस्वीरों में: तबाही के बाद राहत का इंतजार

इमरजेंसी होने पर पायलट इन लोगों को लेकर दून आ गया। यहां चॉपर उतरा तो पंजाब सरकार के अधिकारी पायलट के पास पहुंचे। उन्हें अपने प्रदेश के यात्री नहीं मिले तो गुस्से से लाल-पीले हो गए। जबकि पायलट जिन लोगों को लाया था, उनका इमरजेंसी मेडिकल अधिकारियों को दिखाया। लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुए। इस चॉपर र्का इंधन उन्हीं अधिकारी के पास था।
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चॉपर में तेल भरने से किया मना
जब इंधन की गाड़ी चॉपर के पास पहुंची तो अधिकारी ने चॉपर में तेल भरने से मना कर दिया। इस वजह से चॉपर पूरे दिन खड़ा रहा।

तस्वीरों में: आसमान से बरसी आफत

देर शाम जब ऊपर जाने का मौसम नहीं रहा तो इस चॉपर में तेल भरा गया....लेकिन तब तक काफी देर हो गई। क्षेत्रवाद के अहम में कई लोगों की जान बचने से हर गई...।
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