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रॉ से ज्यादा होशियार टुंडा!

Sun, 18 Aug 2013 11:39 AM IST
हल्द्वानी/ओमप्रकाश सती
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अगर दिल्ली पुलिस ने मोस्ट वांटेड आतंकी अब्दुल करीम टुंडा को उत्तराखंड के बनबसा बॉर्डर से पकड़ा है तो देश की सुरक्षा में भारी चूक हुई है।
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बनबसा में 24 घंटे अलर्ट रहने वाली देश की खुफिया एवं सुरक्षा एजेंसियों रॉ, आईबी, मिलिट्री इंटेलीजेंस (एमआई), लोकल इंटेलीजेंस, एसएसबी, सीआईएसएफ और लोकल पुलिस से जयादा होशियार टुंडा निकला।

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खुफिया एजेंसियों को नहीं पता
टुंडा के नेपाल बॉर्डर से बनबसा में घुसने की भनक कैसे नहीं लगी। उनकी निगहबानी के बावजूद टुंडा बॉर्डर पार कैसे और कब आ गया।

हैरानी की बात है कि दिल्ली पुलिस ने टुंडा के 15 अगस्त को बड़ी आतंकी साजिश की योजना के तहत भारत आने की बात कही है।

15 अगस्त से पहले आया था टुंडा
ऐसे में साफ है कि टुंडा 15 अगस्त से पहले ही नेपाल बॉर्डर से बनबसा आ गया होगा। उसके वहां रहने की भनक वहां जमीं एजेंसियों को क्यों नहीं लगी।

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चौंकाने वाली बात यह भी है कि अगर टुंडा पकड़े जाने से कुछ ही समय पहले नेपाल से बनबसा बॉर्डर पार आया था तो यह कैसे संभव हुआ क्योंकि दोपहर में 2 से 6 बजे तक यह बॉर्डर सील रहता है।
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टुंडा का उत्तराखंड में मूवमेंट
ऐसे में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पकड़े जाने के बाद भी ये एजेंसियां इस बात से इंकार कर रही हैं कि टुंडा का उत्तराखंड में मूवमेंट कभी था ही नहीं, जबकि दिल्ली पुलिस उसके यहां से पकड़े जाने का दावा कर रही है।
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टुंडा अगर बनबसा में था तो वह किसकी पनाह में रहा, इस बात ने खुफिया एजेंसियों को और चिंतित कर दिया है।

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सुराग तलाशने में जुटी एजेंसियां
बनबसा में अलर्ट रहने वाली ये एजेंसियां अब उसके सुराग तलाशने में लगी हैं। साथ ही यह भी पता लगा रही हैं कि टुंडा के साथ कहीं और लोग तो इस बॉर्डर से उत्तराखंड में नहीं घुस आए हैं।
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