शांतिकुंज के प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या ने राष्ट्रपति की ओर से राज्यसभा के लिए किए गए अपने मनोनयन अस्वीकार कर दिया है। शुक्रवार को उन्होंने राष्ट्रपति भवन को इस आशय की सूचना फैक्स से भेज दी। राष्ट्रपति को भेजे पत्र में उन्होंने कहा कि वे राज्यसभा की सदस्यता को विनम्रता पूर्वक अस्वीकार करते हैं।
मनोनीत सदस्य के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत पसंद पंड्या ने ऐसा तब किया है जब दो दिन पूर्व ही उन्होंने अध्यात्म के जरिये राजनीतिज्ञों को बदलने की बात कही थी। अब उनका कहना है कि वह अपने इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाएंगे।
हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि राजनीति में जाने के सवाल पर गायत्री परिवार में सहमति नहीं बनने के कारण ही पंड्या ने दो दिन बाद ही राज्यसभा की सदस्यता लेने से इनकार कर दिया।