बेड़ीनाग में शराब की दुकान के विरोध में ज्ञापन देती महिलाएं
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शराब की दुकानों के विरोध में महिलाओं का गुस्सा बरकरार है। बेड़ीनाग में शराब का ठेकेदार जहां पर भी दुकान खोलने की तैयारी कर रहा है, वहां पर उसे विरोध का सामना करना पड़ रहा है। भरीड़ी और तमोली की महिलाओं ने रविवार को भी तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और शराब की दुकान नहीं खोलने की मांग की। कहा कि शराब ठेकेदार के लोग उनके इलाके में जगह की तलाश कर रहे हैं। क्षेत्र की बसंती देवी, कलावती देवी, शांति देवी, गंगा देवी, पुष्पा देवी आदि ने कहा कि यदि जनभावना के खिलाफ कदम उठाया तो गंभीर परिणाम होंगे।
बेड़ीनाग में नए स्थान पर शराब की दुकान नहीं खुल पाई है। पहले पुंकेश्वर महादेव मंदिर मार्ग पर शराब की दुकान खोलने की तैयारी हुई, लेकिन महिलाओं के विरोध के कारण यह दुकान नहीं खुल पाई। बाद में चनकाना क्षेत्र में शराब की दुकान खोलने का प्रयास हुआ। वहां से भी विरोध के स्वर उभर गए। पुराना बाजार में शराब की दुकान खोलने की तैयारी हुई तो महिलाओं ने रात में ही घेराबंदी कर दी। एक बार कालीविनायक रोड पर भी शराब की दुकान ले जाने की तैयारी हुई, लेकिन वहां भी विरोध के चलते कामयाबी नहीं मिल पाई।
शराब व्यवसायी ने पोसा पोस्ताला में वन विभाग की जमीन पर दुकान के लिए टिनशेड बनाने का प्रयास किया, लेकिन वन विभाग ने आपत्ति लगाकर टिनशेड हटा दिया।
थल में महिलाएं बाजार में दुकान न खुलने देने पर अड़ी है। महिलाओं ने रात में धरना दिया। अब सोमवार से महिलाएं फिर आंदोलन करेंगी। क्षेत्र पंचायत सदस्य सुंदरी वर्मा का कहना है कि थल धार्मिक स्थल है। यहां पर शराब की दुकान नहीं खुलनी चाहिए।
टकाना में शराब का विरोध जारी
पिथौरागढ़। टकाना में शराब की दुकान खोलने का विरोध जारी है। इलाके के लोग कई बार आंदोलन कर चुके हैं और शराब की दुकान हटाने की मांग कर चुके हैं। समाजसेवी जगदीश लोहनी ने कहा कि शराब की दुकान इलाके से हटने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। सोमवार को एक बार फिर इलाके के लोग डीएम और आबकारी अधिकारी से मुलाकात करेंगे।
आबकारी विभाग लाचार स्थिति में
पिथौरागढ़। सुप्रीमकोर्ट के आदेश और जनविरोध के चलते आबकारी विभाग लाचार स्थिति में है। शराब के ठेकेदार भी विभाग पर समाधान निकालने के लिए दबाव बना रहे हैं। जिले में देसी शराब की 12 में से 10 दुकानें अभी बंद हैं। इसी तरह अंग्रेजी शराब की 14 में से सात दुकानों के ताले अब तक नहीं खुल पाए हैं। स्टेट हाइवे को जिला रोड घोषित करने संबंधी आदेश अब तक नहीं पहुंचा है। इस आदेश से भी बहुत ज्यादा लाभ होने वाला नहीं है, क्योंकि जिले की ज्यादातर सड़कें नेशनल हाइवे की परिधि में आ चुकी हैं।