तहसील कार्यालय में प्रदर्शन करते कटखने बंदरों की समस्या से परेशान थल क्षेत्र के लोग। स्रोत: ग्र
थल (पिथौरागढ़)। पिछले तीन महीने से थल क्षेत्र में कटखने बंदरों ने उत्पात मचाया है। अब तक 50 से भी अधिक महिला और पुरुष इनके हमले में घायल हो चुके हैं। कटखने बंदरों ने चार दिन पहले 10 और सोमवार को दो लोगों को काट कर घायल कर दिया। तंग आकर थल, गोल और बरड़ गांव की महिलाएं और पुरुष सोमवार को हाथों में डंडे लेकर तहसील कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने सरकार और वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन कर धरना दिया।
करीब एक घंटे तक प्रदर्शन करते हुए आक्रोशित महिलाओं ने सरकार और विभाग को चेतावनी दी कि एक सप्ताह के भीतर इन कटखने बंदरों से निजात दिलाने की मांग की। कहा कि समाधान न होने पर वे उग्र आंदोलन और क्रमिक अनशन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने तहसील के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शंकर राम के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा।
महिलाओं ने कहा कि कटखने बंदरों का समूह घरों के अंदर और खेतों में काम करते वक्त काटने के लिए आ रहे हैं। रोज हो रही ऐसी घटनाओं से वे सामान लेने बाजार नहीं आ पा रहे हैं और न ही अपने बच्चों को स्कूल भेज पा रहे हैं। प्रदर्शन में रेखा देवी, प्रतिमा देवी, बिमला देवी, कमला देवी, अनीता महर, ममता चंद, गीता चंद, लीला चंद, प्रिया चंद, गोमती चंद, सुरेश सिंह धर्मशक्तू, लक्ष्मण सिंह बिष्ट, रमेश चंद्र पंत आदि रहे।