लोहाघाट के ठांटा गांव में जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए लगाई गई घेरबाड़। स्रोत: सूचना
लोहाघाट (चंपावत)। कृषि विभाग ने ठांटा गांव में जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए तारबाड़ लगाई है। ग्रामीणों ने विभाग का आभार जताते हुए इसे उनकी फसलों की सुरक्षा के लिए सराहनीय पहल बताया।
मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि ग्राम ठांटा भौगोलिक दृष्टि से कृषि प्रधान क्षेत्र है। गांव के करीब 65 परिवार 75.184 हेक्टेयर भूमि पर कृषि कार्य कर रहे हैं। यहां की जलवायु और उपजाऊ भूमि मंडुवा, दलहन, मक्का और विभिन्न सब्जियों के उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल है। अधिकांश ग्रामीणों की आजीविका खेती और पशुपालन ही है। कृषि विभाग ने ठांटा में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए पूर्व में चार जियो लाइन टैंकों का निर्माण कराया है। खेती में मानव श्रम को कम करने के उद्देश्य से एक फार्म मशीनरी बैंक की भी स्थापना की है। जंगली जानवरों से बचाव के लिए जिला योजना और मनरेगा के समन्वय से गांव में 600 मीटर लंबी सुरक्षात्मक घेरबाड़ यानी फेंसिंग का निर्माण कार्य किया गया है। प्रधान मोहित पाठक ने बताया कि उन्होंने पूर्व में सीएम पुष्कर सिंह धामी और डीएम मनीष कुमार के समक्ष तारबाड़ लगाने की मांग की थी। प्रथम चरण में 600 मीटर तारबाड़ का कार्य पूरा हो गया है। अभी एक हजार मीटर और तारबाड़ गांव में लगेगी। संवाद