मौसम विभाग ने फिर से संकेत दिया है कि शीतकालीन बारिश के लिए अभी कुछ दिनों का इंतजार करना पड़ेगा। अगले पांच दिनों के मौसम पूर्वानुमान में बताया गया है कि इस अवधि में बारिश और बर्फबारी की कोई संभावना नहीं है। सुबह और शाम की ठंड के अलावा दिन में मौसम सुहावना बना रहेगा। न्यूनतम तापमान फिलहाल 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही बना रहेगा। दिन में धूप निखरने से अधिकतम तापमान भी 20 से 22 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा।
तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो वर्ष 2015 के दिसंबर माह में भी लगभग यही स्थिति रही थी। सिर्फ 12 दिसंबर को 0.8 एमएम की नाममात्र बारिश रिकार्ड हुई, लेकिन उसके बाद तापमान में गिरावट का क्रम जारी रहा और 25 दिसंबर को तो पिथौरागढ़ का न्यूनतम तापमान माइनस 0.2 डिग्री चला गया। यह वर्ष 2015 का सबसे कम तापमान रहा। यदि उससे आगे के मौसम पर नजर डाली जाए तो जनवरी 2016 में 20 तारीख को 5.4 एमएम बारिश रिकार्ड की गई थी। उस दौरान ऊंचाई वाले इलाकों पर हिमपात हो गया था।
आमतौर पर पहाड़ पर वर्ष के अंत में मौसम खराब होने और बर्फबारी की संभावनाएं बनने लगती हैं, लेकिन पिछले एक-दो वर्षों से मौसम के चक्र में तेजी से बदलाव आ रहा है। पिछले वर्ष नवंबर में भी बारिश की मात्रा शून्य रही। इस बार भी ठीक यही स्थिति सामने आ गई। नवंबर और दिसंबर दोनों महीने सूखे गुजरने वाले हैं।
मौसम विभाग के स्थानीय कार्यालय के अनुसार अब न्यूनतम तापमान में गिरावट का क्रम शुरू हो जाएगा और पाला गिरने लगेगा। पाले से सब्जियों और फसलों को नुकसान पहुंचेगा। बारिश न होने पर फसलों की ग्रोथ कम हो जाएगी और उत्पादन पर बड़ा असर पड़ जाएगा। पानी का संकट गहराने की भी आशंका बनी रहेगी।
घाटी वाले इलाकों पर कोहरे का असर
जिले के थल, मुवानी, नाचनी, जौलजीबी, घाट, पनार घाटियों में इन दिनों सुबह के समय घने कोहरे का असर बना है। सुबह 11 बजे तक इन इलाकों पर धूप नहीं निकलती है, लेकिन उसके बाद तापमान में सुधार आ जाता है। घाटी वाले इलाकों पर नवंबर मध्य से कोहरा छाने लगता है।