आईटीबीपी मिर्थी में कैलाश यात्रियों का स्वागत करते छलिया दल
- फोटो : अमर उजाला
कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे तीसरे दल के 56 यात्रियों का बुधवार को आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय मिर्थी में छलिया दल ने भव्य स्वागत किया। इससे पहले यात्रियों ने डीडीहाट पर्यटक आवासगृह में दोपहर भोजन किया। पर्यटक आवासगृह के प्रबंधक आनंद आर्या ने यात्रियों को कुमाऊंनी व्यंजन परोसे।
आईटीबीपी नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार दूसरे दल के 47 सदस्यों ने बुधवार सुबह बूंदी से गुंजी तक का सफर पूरा किया। यात्री बृहस्पतिवार को गुंजी में चिकित्सा परीक्षण के लिए रुकेंगे। पहला दल बुधवार को भी तिब्बत के तकलाकोट में रुका है। यह दल कल को आगे का सफर शुरू करेगा। तीसरे दल के यात्रियों का स्वागत करते हुए आईटीबीपी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने उच्च हिमालयी क्षेत्र में बरती जाने वाली सावधानी, मौसम के मिजाज की जानकारी दी।
कहा कि यात्रियों की मदद के लिए हर स्थान पर आईटीबीपी के जवान मौजूद रहेंगे। दल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि सभी यात्रियों में कैलाश दर्शन को लेकर उत्साह है। इस मौके पर जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान के पूर्व प्राचार्य डीएस पांगती ने भी यात्रियों का स्वागत किया। इस दल में 14 महिलाएं भी शामिल हैं। कई यात्री दो से ज्यादा बार यात्रा पर जा रहे हैं।
छोटा कैलाश यात्रियों का तीसरा दल भी रवाना
धारचूला (पिथौरागढ़)। छोटा कैलाश यात्रियों का तीसरा दल बुधवार को आधार शिविर धारचूला से गाला पड़ाव को रवाना हो गया। दल में 11 महिलाओं समेत 36 यात्री हैं। दल में ज्यादातर यात्री दिल्ली, राजस्थान, गुजरात के हैं। आधार शिविर में यात्राधिकारी रमेश चंद्र जोशी और दीवान सिंह बिष्ट ने यात्रियों को रवाना किया। छोटा कैलाश यात्री गुंजी तक उसी रास्ते से जाते हैं, जिस रास्ते से कैलाश मानसरोवर यात्री जाते हैं। गुंजी से छोटा कैलाश यात्री कुटी, ज्योलिंगकांग को निकलते हैं। छोटा कैलाश भारतीय क्षेत्र में है। वहां पर यात्री पार्वती सरोवर में स्नान और ओम पर्वत के दर्शन करते हैं, जो लोग कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर नहीं जा पाते वह छोटा कैलाश की यात्रा कर चले जाते हैं। दल में शामिल कई यात्री इससे पहले भी छोटा कैलाश के दर्शन कर चुके हैं। यात्रियों ने बताया कि धारचूला से गुंजी तक रास्ता कठिन होने के बावजूद कई प्राकृतिक दृश्य देखने को मिल जाते हैं। बुग्यालों और झरनों का आनंद भी यात्रा के दौरान उठाया जाता है। यात्राधिकारी ने बताया कि छोटा कैलाश की यात्रा पर भी इस बार 18 दल जाएंगे। छोटा कैलाश यात्रियों को कैलाश मानसरोवर यात्रियों के दल से एक दिन पहले अगले पड़ाव को रवाना किया जाता है।