पिथौरागढ़। सीमांत जिले में मौसम बदलते ही बीमारी का प्रकोप बढ़ने लगा है। बच्चे पीलिया, टाइफाइड तो बुजुर्ग सांस की बीमारी से जूझ रहे हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ गया है और एक सप्ताह के भीतर ओपीडी में 30 से 40 फीसदी का उछाल आया है। हालात यह हैं कि अस्पताल में बेड फुल हो गए हैं और मरीजों को भर्ती करने के लिए बरामदा भी कम पड़ने लगा है।
जिला अस्पताल में एक सप्ताह पूर्व तक ओपीडी 430 से 500 तक पहुंच रही थी। अचानक ओपीडी बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित है और इसमें 40 फीसदी तक का उछाल आया है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक अब हर रोज 700 से अधिक लोग उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। ओपीडी के सापेक्ष 20 से 30 फीसदी बच्चे और युवा पीलिया, टाइफाइड तो 15 से 20 फीसदी बुजुर्ग सांस की दिक्कत से जूझ रहे हैं। यह बीमारी गंभीर रूप ले रही है।
यही कारण है कि अस्पताल में इन्हें भर्ती करने के लिए जगह कम पड़ने लगी है। सोमवार को 120 बेड के सापेक्ष 140 मरीज भर्ती थे। मरीजों का दबाव बढ़ने से बरामदे में लगे बिस्तर भी कम पड़ने लगे हैं।
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक हालत यही रहे तो बरामदे में अतिरिक्त बेड लगाने के साथ ही एक में ही दो मरीजों को भर्ती भी करना पड़ सकता है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन अतिरिक्त बेड की व्यवस्था में जुट गया है।
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दूषित पानी से बढ़ रहा है पीलिया
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक दो साल तक के बच्चों के साथ ही हर आयु वर्ग के लोग पीलिया की जकड़ में आ रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक दूषित पानी इसका प्रमुख कारण है। ऐसे में साफ है कि नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्रोत दूषित हो चुके हैं। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक गर्मी बढ़ने के साथ पीलिया और टाइफाइड का प्रकोप बढ़ने लगा है जो चिंता का विषय है।
कोट-
मौसम में बदलाव के चलते बीमारी बढ़ रही है। पीलिया, टाइफाइड के साथ ही बुजुर्गों में सांस की दिक्कत अधिक बढ़ी है। दबाव बढ़ने से बरामदे में बेड लगाकर हर मरीजों का उपचार किया जा रहा है। यदि जरूरत पड़ी तो अतिरिक्त बेड लगाए जाएंगे। हर मरीज का उचित उपचार करने के लिए अस्पताल प्रबंधन गंभीर है। - डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़।