आदर्श राशनिंग वेलफेयर सोसाइटी की जिला इकाई ने राज्य सरकार पर वायदाखिलाफी का आरोप लगाया है। सोसाइटी का कहना है कि अटल खाद्यान्न योजना शुरू करते समय पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रत्येक कोटेदार को तीन हजार रुपए मासिक मानदेय देने की घोषणा की थी। बाद में अन्य सरकारों ने भी इस व्यवस्था को लागू किए जाने पर जोर दिया, लेकिन आज तक उन्हें मानदेय की सुविधा से वंचित रखा गया है। हरीश चंद्र पांडेय की अध्यक्षता और सलीम जावेद के संचालन में हुई बैठक में कोटेदारों ने घोषणा के बाद से आज तक का पूरा मानदेय का भुगतान करने की मांग की।
बैठक में उन्हें तौलकर राशन न दिए जाने पर सभी ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि खाद्यान्न गोदामों में अभी तक सरकार द्वारा इलेक्ट्रानिक कांटा नहीं लगाया गया है, जिसके कारण गेहूं, चावल के कट्टों में पांच से छह किलो तक प्रति बोरी कम खाद्यान्न मिलता है। यही स्थिति चीनी की भी है। तय किया गया कि इन मुद्दों को लेकर सोसाइटी का एक प्रतिनिधि मंडल पहले सांसद महेंद्र सिंह माहरा से मिलेगा, उसके बाद मुख्यमंत्री से मिलने देहरादून जाएगा। बैठक में मोहन सिंह, दुर्गादत्त जोशी, केेके जोशी, उमेद सिंह, इंद्र सिंह, चंद्रमोहन जोशी, नाथ सिंह, बसंत बल्लभ, सतीश बगौली प्रकाश चंद्र, सरिता देवी आदि ने विचार रखे।