पिथौरागढ़ में पानी न आने से लोगों को इस तरह स्टैंडपोस्ट से पानी ढोना पड़ रहा है
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गर्मी की शुरुआत से पहले ही सोर घाटी में पेयजल की समस्या सिर उठाने लगी है। पिथौरागढ़ की 35 हजार की आबादी को तीसरे दिन पानी मिल पा रहा है। क्षेत्रवासी नौलों, धारों और हैंडपंपों से बमुश्किल पानी से जुड़ी जरूरतें पूरी कर रहे हैं।
बृहस्पतिवार को भी नगर और इससे सटे ग्रामीण इलाकों के आधे हिस्से में पानी नहीं आया। जल संस्थान ने रोटेशन के आधार पर बाकी स्थानों पर आपूर्ति की। इससे 35 हजार लोग प्रभावित हुए। रोजाना की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए क्षेत्रवासियों को नौलों, धारों, स्टैंडपोस्ट और हैंडपंप की शरण लेनी पड़ी।
प्रभावित इलाकों मेें मांग पर जल संस्थान ने टैंकरों से आपूर्ति कराई। हालांकि यह भी नाकाफी साबित हुआ। बता दें कि पेयजल समस्या को देखते हुए जल संस्थान नगर और आसपास की पेयजल योजनाओं में रोटेशन के आधार पर आपूर्ति कर रहा है। जल संस्थान के ईई विशाल कुुमार ने रोटेशन के आधार पर वितरण के चलते कुछ इलाकों में आपूर्ति नहीं हुई। पेयजल समस्या की शिकायत पर टैंकरों से आपूर्ति कराई गई।
मांग की तुलना में 50 फीसदी आपूर्ति
पिथौरागढ़ शहर की रोजाना पेयजल की जरुरत 12 एमएलडी है। गर्मियों में मांग में और इजाफा होगा। वर्तमान में पिथौरागढ़ को ठुलीगाड़, घाट और रई योजना से महज छह एमएलडी पानी की ही मिल पा रहा है।
आंवलाघाट योजना पर टिकी नजर
पिथौरागढ़ की पेयजल समस्या को देखते हुए अब आंवलाघाट योजना पर बेसब्री से नजर टिकी है। योजना पूरी चुुकी है और ट्रायल का काम चल रहा है। ट्रायल के बाद इस योजना से रोजाना छह एमएलडी पानी मिलेगा। इससे नगर में मांग और आपूर्ति का अंतर दूर होगा। जल निगम के ईई आरएस धर्मशक्तू ने बताया कि ट्रायल आखिरी चरण में है। जल्द ही पानी मिलने लगेगा।