इसे महज संयोग कहा जाए या फिर जल संस्थान की लापरवाही, सोमवार को पिथौरागढ़ नगर के करीब 60 फीसदी हिस्से में पेयजल की सप्लाई पूरी तरह ठप रही। यह नौबत तब आई जब प्रदेश के पेयजल मंत्री प्रकाश पंत पिथौरागढ़ में ही थे और उन्होंने सोमवार से ही जिले का दौरा शुरू किया। मंत्री के आने से ठीक पहले पानी को लेकर हुई त्राहि-त्राहि से भाजपा नेताओं में भारी गुस्सा है। भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र वल्दिया ने तो इसे जानबूझकर की गई हरकत करार दिया। खुद पेयजल मंत्री ने भी इस अव्यवस्था पर आश्चर्य जताते हुए जल संस्थान के अधिकारियों को फोन पर लताड़ लगाई।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा ने बताया कि घाट पंपिंग योजना का एक पाइप रविवार की रात गुरना के पास फट गया था। इस कारण घाट पंपिंग योजना से पानी लिफ्ट नहीं हो पाया। मंत्री के आने और पेयजल सप्लाई ठप होने से जल संस्थान के अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। पूरी रात काम करने के बावजूद पाइप को नहीं जोड़ा जा सका। इस कारण घाट पंपिंग योजना से आच्छादित सभी इलाकों में पानी की सप्लाई ठप हो गई। लोग सुबह सात बजे नलों में पानी आने का इंतजार करते रहे। जब पानी नहीं आया तो सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट की तरफ दौड़ लगानी शुरू कर दी। जल संस्थान ने कुछ इलाकों में टैंकरों से पानी का वितरण किया।
भाजपा नेताओं ने इस अव्यवस्था पर नाराजगी जताई है। कहा है कि खास मौके पर पानी की सप्लाई ठप करने के मामले को मंत्री के सामने रखा जाएगा। आज सुबह गंगोलीहाट का डाक बंगले में रुके पेयजल मंत्री प्रकाश पंत को तमाम लोगों ने पानी की सप्लाई ठप होने की जानकारी दी। पंत ने इसे गंभीरता से लिया है। कहा है कि जानबूझकर अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इधर, यहां से जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा का यहां से चंपावत स्थानांतरण हो गया है, लेकिन वह अभी रिलीव नहीं हुए हैं। चंपावत के ईई विशाल कुमार को पिथौरागढ़ भेजा गया है, लेकिन उन्होंने अभी चार्ज नहीं लिया है।