झूलाघाट में बंद पड़ा आयुर्वेदिक अस्पताल।
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नेपाल सीमा पर बसे झूलाघाट के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल में ताला लग गया है। अस्पताल में 18 महीने से डॉक्टर, फार्मेसिस्ट, वार्ड ब्वाय का पद रिक्त है। अस्पताल बंद होने से उसमें रखी दवाएं खराब हो गई हैं। आयुर्वेदिक अस्पताल में आने वाले लोग खाली हाथ वापस लौट रहे हैं। जिले में आयुर्वेदिक डॉक्टरों के कई पद रिक्त होने के कारण जल्दी डॉक्टर की तैनाती हो पाना संभव नहीं है।
आयुर्वेदिक अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। व्यापार संघ के कोषाध्यक्ष दीपक इजरवाल ने कहा कि कई लोग आयुर्वेदिक चिकित्सा पर भरोसा करते हैं, लेकिन सीमांत के लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि रिक्त पद भरने की मांग को लेकर कई बार शासन को पत्र दिया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जल्दी डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. गिरीश चंद्र जंगपागी ने बताया कि जिले में आयुर्वेदिक डॉक्टरों के 13 पद रिक्त हैं। रिक्त पद भरने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। जैसे ही जिले में नए डॉक्टरों की तैनाती होगी सबसे पहले झूलाघाट में नियुक्ति दी जाएगी।