अस्कोट(पिथौरागढ़)। मौसम परिवर्तन और जंगलों की आग का असर अस्कोट क्षेत्र के जलस्रोतों पर पड़ा है। क्षेत्र के गांवों को जलापूर्ति करने वाले स्रोतों का जलस्तर कम होने से पेयजल योजनाएं दम तोड़ने लगी हैं। इससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। क्षेत्र के लोगों ने जलस्रोत सूखने से गोरी नदी से लिफ्ट पेयजल योजना का निर्माण करने की मांग की है।
अस्कोट क्षेत्र के देवल, दयाकोट, खोलियागांव, धौलाकोट, गर्जिया, चमलेख, रसगाड़ी, गदाली, मौचौरा के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जल संस्थान के ईई को प्रस्ताव भेजा। उन्होंने कहा कि 10 किमी दूर प्राकृतिक जल स्रोतों से संचालित योजनाओं से इन गांवों में जलापूर्ति होती है। जल जीवन मिशन के तहत योजनाओं का पुनर्गठन भी हुआ। पर्यावरण असंतुलन और जंगलों में आग से प्राकृतिक जल स्रोतों का जलस्तर कम हो गया है। कई स्रोत सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं।
ऐसे में पेयजल योजनाओं से पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो रही है और क्षेत्र के लोग जल संकट से जूझने लगे हैं। क्षेत्र की समस्या को देखते हुए गोरी नदी से लिफ्ट पेयजल योजना बनाकर इस गंभीर समस्या का समाधान हो सकता है। ज्ञापन भेजने वालों रसगाड़ी की प्रधान पुष्पा, सांवलीसेरा की नीलम धामी, खोलियागांव की हेमा कुंवर, देवल की आशापाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामीण शामिल रहे।