पिथौरागढ़। आंवलाघाट पेयजल पंपिंग योजना का साथ न मिलने से नगर में पांचवें दिन भी पेयजल व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी। जलापूर्ति ठप रहने से नगर की 30,000 से अधिक की आबादी को पानी के लिए तरसना पड़ा। लोगों ने प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी की व्यवस्था की।
आंवलाघाट योजना से नगर के बजेटी, नगरपालिका और पीडब्ल्यूडी जोन की बड़ी आबादी को पानी की आपूर्ति की जाती है। योजना से करीब सात एमएलडी पानी प्रतिदिन मिलता है। पिछले पांच दिनों से साढ़े तीन एमएलडी ही पानी की आपूर्ति हो पा रही है।
पर्याप्त पानी लिफ्ट न होने से नगर के लोग परेशान हैं। वहीं घाट पंपिंग योजना में 850 मीटर नई पेयजल लाइन के ट्रायल के चलते हनुमान मंदिर जोन की भी आपूर्ति बीते दिन प्रभावित रही।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र जोशी ने बताया कि शनिवार को भी आंवलाघाट योजना से करीब साढ़े तीन एमएलडी ही पानी उपलब्ध हो पाया। उन्होंने बताया कि रात में वोल्टेज कम होने से पानी की पंपिंग कम हुई, इससे पेयजल आपूर्ति लड़खड़ाई है। उन्होंने बताया कि घाट योजना से पंपिंग होने से हनुमान मंदिर जोन क्षेत्र में पानी की आपूर्ति सुचारु कर ली गई है।
रई क्षेत्र में भी लोगों को पानी सुचारु रूप से मिल रहा है। यदि आंवलाघाट में लो वोल्टेज की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो नगर की बड़ी आबादी के समक्ष पेयजल संकट गहरा सकता है। इधर यूपीसीएल के ईई नितिन गर्खाल ने कहा कि लो वोल्टेज की समस्या का समाधान कर लिया गया है। जल्द व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी।
पानी आपूर्ति नहीं होने पर भड़का आक्रोश, किया प्रदर्शन
पिथौरागढ़। नगर में पानी की आपूर्ति नहीं होने से आक्रोशित लोगों ने गांधी चौक में जल महकमों के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने शीघ्र आपूर्ति सुचारु नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
जाग उठा पहाड़ के संयोजक गोपू महर ने कहा कि पिछले चार दिन से नगर की चालीस हजार की आबादी परेशान है। पेयजल लाइन के परीक्षण का हवाला दिया जा रहा है लेकिन पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है। कहा कि छह से आठ एमएलडी पानी देने वाली योजना से भी दो एमएलडी ही पानी मिल रहा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि नगर सेवक चुप हैं जबकि जनता प्यासी है। प्रदर्शन करने वालों में कई लोग शामिल रहे।