पिथौरागढ़। जिले में निकाय चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। आरक्षण भी तय हो चुका है इससे दिग्गजों की नींद उड़ गई है। ऐसा इसलिए कि लंबे समय से नगर निगम का पहला मेयर बनने के लिए दोनों प्रमुख दलों के नेताओं ने अपनी दावेदारी पेश की थी। अब मेयर पद महिला के लिए आरक्षित होने से वे मैदान से पहले ही बाहर हो चुके हैं। अब पत्नी को मैदान में उतारने की जोर आजमाईश शुरू हो गई है ताकि दिग्गज अपनों के सहारे ही सही अपना राजनीतिक कद बढ़ा सकें।
निकाय चुनाव में पिथौरागढ़ नगर निगम का पहला मेयर बनने की चाहत में दोनों ही प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस से दावेदारों की लंबी फौज थी। आरक्षण तय होने से पहले मेयर की कुर्सी तक पहुंचने के लिए नेताओं ने आरक्षण को लेकर भी गुणा-भाग पूरा कर लिया था। सामान्य सीट पर अधिकांश नेता खुद चुनाव लड़ने के इच्छुक थे तो कई ने आरक्षण को ध्यान में रखकर पत्नी और भाभी से भी दावेदारी कराई थी ताकि कैसे भी मेयर की कुर्सी तक पहुंचा जा सके। आरक्षण तय होते ही अधिकांश नेताओं की उम्मीद और सपने दोनों ही टूट गए हैं। वहीं कुछ दिग्गजों की उम्मीद अब भी कायम है। खुद चुनावी दौड़ से बाहर हो चुके दिग्गज अब अपना राजनीतिक कद बढ़ाने के लिए पत्नी को टिकट दिलाने की जोर आजमाईश में जुट गए हैं। कई दिग्गजों ने इस स्थिति से निपटने के लिए पहले ही पत्नी की तरफ से भी दावेदारी पेश करवाई है। ऐसे में अब उनके सामने पत्नी को टिकट दिलाना ही एकमात्र विकल्प है। संवाद
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टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने की मंशा भी कर चुके थे जाहिर
पिथौरागढ़। दावेदारों सूची लंबी होने से दोनों ही प्रमुख दल असमंजस में थे। भाजपा से 20 तो कांग्रेस से 19 से अधिक नेताओं ने मेयर का टिकट पाने के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी। चर्चा थी कि कई नेता टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव भी लड़ेगे। अब महिला के मेयर का पद आरक्षित होने के बाद दावेदारों की छंटनी होने से दोनों ही दलों में राहत है।
38,900 मतदाता करेंगे भाग्य का फैसला
पिथौरागढ़। नगर निगम में इस बार 38,900 मतदाता पहला मेयर चुनेंगे। इस बार नगर निगम में वार्ड भी बढ़े हैं। नगर पालिका में 20 वार्ड अस्तित्व में थे। नगर निगम बनते ही 20 वार्ड बढ़ गए हैं और अब इनकी संख्या 40 है। अब पहला मेयर और पहला पार्षद बनने के लिए इन वार्डों के मतदाता प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। संवाद
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दावेदारी पेश करना हर कार्यकर्ता का अधिकार है। अब तक 20 से अधिक कार्यकर्ताओं ने मेयर का टिकट पाने के लिए दावेदारी की है। पर्यवेक्षक प्रत्याशी का चुनाव करेंगे। जो प्रत्याशी मैदान में होगा हर दावेदार और हर कार्यकर्ता उसके पक्ष में खड़ा होगा। भाजपा एक संगठित पार्टी है, यह जगजाहिर है। - गिरीश जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष, पिथौरागढ़।
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अब तक मेयर पद के लिए 19 से अधिक कार्यकर्ताओं ने दावेदारी की है। सभी की विशेषता परखीं जाएंगी। प्रदेश कमेटी को नाम भेजे जाएंगे। आरक्षण तय होने के बाद ही सभी की रायशुमारी से प्रत्याशी का चयन होगा। जिसे टिकट मिलेगा हर कार्यकर्ता उसे जिताने के लिए साथ खड़ा होगा। - भागीरथ भट्ट, निकाय चुनाव प्रभारी, कांग्रेस, पिथौरागढ़।
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भाजपा से ये थे दावेदार
राकेश देवलाल, कल्पना देवलाल, राजेंद्र सिंह रावत, सीमा रावत, केदार जोशी, ललित पंत, वीरेंद्र साह, गोविंद महर, मनोज जोशी, राम सिंह बिष्ट, उमा पांडे, भारती पांडे, प्रमिला बोहरा, बबीता पुनेठा, डीआर राज, दीपक लोहिया, गंगोत्री दताल, कमला देवी।
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कांग्रेस से ये थे दावेदार
जगत सिंह खाती, मुकेश पंत, ऋषेंद्र महर, मोनिका महर, दीपा महर, आशीष हावर्ड, भावना नगरकोटी, पद्मा बिष्ट, अजय महर, सरस्वती महर, अनीता मेहरा, प्रदीप सिंह, पवन माहरा, राजीव, महेश टम्टा, रोहित कुमार, राम सिंह, रुकमणी जोशी।