कुमाऊं मंडल विकास निगम की रैकी टीम कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग का निरीक्षण करने के बाद लौट गई है। छह सदस्यीय टीम ने निगम मुख्यालय और जिला प्रशासन को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि लखनपुर, मालपा और नजंगगाड़ के पास पैदल रास्ता बेहद खराब हालत में है।
इसकी मरम्मत यात्रा शुरू होने से पहले किया जाना जरूरी है। नाभीढांग और ओमपर्वत में अब भी काफी मात्रा में बर्फ है। इस बार अप्रैल के अंतिम सप्ताह में भी बर्फबारी होती रही।
रैकी टीम में अवर अभियंता, कारपेंटर, फिटर शामिल रहे। करीब एक हफ्ते तक यात्रा पड़ावों का जायजा लेने के बाद टीम के सदस्य सोमवार को नैनीताल लौट गए हैं। टीम में शामिल सदस्यों ने बताया कि इस बार उच्च हिमालयी क्षेत्र में भारी हिमपात के कारण कई पड़ावों में भारी दिक्कत आई है। नाभीढांग में बर्फ से पड़ावों को नुकसान पहुंचा है। छोटा कैलाश यात्रा मार्ग पर कुटी पड़ाव में भी भारी बर्फ से नुकसान हुआ है। लखनपुर से मालपा के बीच पैदल रास्ता खतरनाक हालत में है। यात्रियों को इसी रास्ते से होकर जाना पड़ता है। टीम के सदस्यों ने कहा है कि पैदल रास्ते की मरम्मत में लंबा समय लग सकता है। इस कारण समय पर मजदूरों को भेजा जाना जरूरी है। नजंगफॉल के पास भी रास्ते बेहद संकरा हो गया है।
टीम में केएमवीएन के अवर अभियंता जीवन पुनेठा, गिरीश भट्ट, कारपेंटर देवबहादुर थापा, प्रकाश कुमार, देवेंद्र बिष्ट, गणेश बिष्ट शामिल थे। टीम के सदस्यों ने गाला से लेकर नाभीढांग तक रास्ते और पड़ावों की रिपोर्ट तैयार की। कैलाश मानसरोवर यात्रा आठ जून से शुरू होगी। प्रथम दल 13 जून को आधार शिविर धारचूला पहुंचेगा।