मदकोट-बोना पैदल रास्ता बंद होने से इस बार बोना का आलू और राजमा बाजार तक नहीं पहुंच पाया है। झापुली से आगे पैदल रास्ते में रोड निर्माण का मलबा गिरने से घोड़ों की आवाजाही नहीं हो पा रही है। पिछले दस दिन से लोग रास्ता खुलने के इंतजार में हैं। यदि जल्दी रास्ता नहीं खुला तो आलू खराब होने की संभावना है।
मदकोट से बोना तक जो सड़क बन रही है उसका निर्माण अभी झापुली तक ही हुआ है। झापुली से आगे बोना पहुंचने के लिए करीब पांच किलोमीटर का सफर पैदल करना पड़ता है लेकिन इस रास्ते में निर्माणाधीन सड़क का मलबा पट गया है। कई स्थानों पर रास्ता टूट चुका है। लोग किसी तरह पैदल आवाजाही कर रहे हैं लेकिन घोड़ों को ले जा पाना संभव न होने से आलू और राजमा गांव से बाहर नहीं आ पाया है।
बोना इस क्षेत्र का सबसे ज्यादा आलू और राजमा उत्पादक गांव है। गांव के लोगों की आर्थिकी भी आलू, राजमा से ही चलती है। इस मौसम में आलू, राजमा बेचने के बाद लोग सालभर का खर्चा चलाते हैं। ग्राम प्रधान नेत्र सिंह पंचपाल ने बताया कि बोना गांव में एक हजार क्विंटल आलू और 500 क्विंटल राजमा पड़ा हुआ है।
गांव तक घोड़ों के न पहुंचने से इसे काश्तकार बाजार तक नहीं ले जा पा रहे हैं। उन्होंने उपजिलाधिकारी को पत्र लिखकर पैदल रास्ते की मरम्मत की मांग की। ताकि आलू, राजमा को बाजार तक पहुंचाया जा सके। एसडीएम वैभव गुप्ता ने कहा है कि रास्ते की मरम्मत के लिए लोनिवि को लिख दिया गया है। जल्दी ही रास्ते की मरम्मत हो जाएगी और आलू, राजमा बाजार तक पहुंचने लगेगा।