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Pithoragarh Protest: टूटी गरारी से जोखिम उठाकर स्कूल जा रहे मासूम, ग्रामीणों ने दो पुल बनाने की उठाई मांग

Mon, 02 Sep 2024 05:29 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़

सार

मवानी-दवानी के स्कूली बच्चे और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। सोमवार को ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम से पुल बनाने के लिए ज्ञापन सौंपा।
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ग्रामीणों ने दो पुल बनाने की उठाई मांग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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2017 की आपदा में गोरी नदी पर पुल क्षतिग्रस्त हो गया और लकड़ी का पुल भी बह गया था। एक मात्र नदी पार करने के लिए बनी गरारी से भी टूट गई जिससे मवानी-दवानी के स्कूली बच्चे और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। सोमवार को ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम से पुल बनाने के लिए ज्ञापन सौंपा।

ग्राम प्रधान मुन्नी देवी के नेतृत्व में ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम को दिए ज्ञापन में कहा कि गांव के मनकोट तोक को जोड़ने के लिए भ्यूलगाड़ में बना आरसीसी पुल 2017 की आपदा में टूट गया था लेकिन अब तक इसका निर्माण नहीं हो सका।

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हर साल पुल का प्रस्ताव भेजकर औपचारिकता निभाई जा रही है। कहा कि दारमा-मवानी सड़क का निर्माण किया गया लेकिन मवानी में गोरी नदी पर 70 मीटर पुल न होने से इस सड़क के कोई मायने नहीं है। सात साल बाद भी पुल का सिर्फ 50 फीसदी काम पूरा हो सका है। वहीं बांसबगड़ के पास गोरी नदी में 10 साल पूर्व स्थापित गरारी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। गरारी से हर रोज विद्यार्थी, शिक्षक और स्थानीय लोग आवाजाही करते हैं।
 

गरारी क्षतिग्रस्त होने से कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा जल्द समस्याओं का हल नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। ज्ञापन देने वालों में भगत मेहरा, पुष्कर गोस्वामी, मोहन धानिक, दान सिंह, मंगल गिरी, धन सिंह आदि रहे।

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