सातशिलिंग-थल मार्ग के सुधारीकरण के नाम पर हो रही लीपापोती के खिलाफ बुधवार को क्षेत्र के लोगों ने डीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। लोगों की मांग है कि घटिया निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। एसडीएम अनुराग आर्य ने लोगों को आश्वासन दिया है कि इस मामले की जांच के लिए डीएम के माध्यम से शासन को लिखा जाएगा।
सातशिलिंग से थल तक 50 किलोमीटर सड़क के सुधारीकरण का काम एक वर्ष से चल रहा है। एडीबी निर्माण खंड ने सुधारीकरण के काम की जिम्मेदारी गाजियाबाद की कंपनी पीआरएल को दे रखी है। लोगों का कहना है कि सड़क पर हाटमिक्स बेहद घटिया है। स्कवर, दीवार, पैराफिट मानक के हिसाब से नहीं बनाए गए हैं। हाटमिक्स लगाते ही उखड़ गया है। पैराफिटों में घटिया सामग्री लगाई गई है। हाटमिक्स कम तापमान में रात के समय बिछाया जा रहा है। प्रदर्शन में पंकज सौन, हेमराज बिष्ट, वीरेंद्र सौन, दीपा तिवारी, प्रेम कुमार, पवन चंद, सूरज, दीपेश, हर्ष, विक्रम खड़ायत, दुर्गादत्त जोशी, पुष्कर चौहान, जगत चंद समेत बीसाबजेड़, सातशिलिंग, भौड़ी, उर्ग, नगरौड़ा, सुरौली गांवों के लोग शामिल हुए।