पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में क्षमता से अधिक रोगी भर्ती होने पर कनालीछीना ब्लाॅक के जमतड़ी गांव के कनतोली तोक के एक वनराजि की पत्नी को भर्ती नहीं किया गया था। उन्हें आपातकालीन कक्ष में प्राथमिक उपचार के बाद दूसरे दिन आने को कहा गया था। इस पर वनराजि ने अपनी पत्नी का इलाज निजी अस्पताल में कराया।
कनतोली तोक निवासी वनराजि लोक बहादुर पत्नी उषा देवी (35) के पेट दर्द की शिकायत के बाद जिला अस्पताल पिथौरागढ़ लेकर आए थे। उनका कहना था कि उनकी पत्नी को पहले दिन भर्ती नहीं किया गया था। उन्हें प्राइवेट अस्पताल में जाने को कह दिया। इस पूरे मामले में जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. जेएस नबियाल ने जांच की।
उन्होंने बताया कि वनराजि लोक बहादुर अपनी पत्नी उषा देवी को 23 जुलाई को दोपहर दो बजे जिला अस्पताल लेकर आए थे। यहां उनका आपातकालीन कक्ष में प्राथमिक उपचार कर दूसरे दिन आने की सलाह दी थी। क्योंकि उस समय अस्पताल में 165 रोगी भर्ती थे। अस्पताल की क्षमता 120 रोगी की है। वनराजि खुद प्राइवेट अस्पताल में चले गए थे।
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टाइफाइड और यूरिन इंफेक्शन की दिक्कत है महिला को
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. जेएस नबियाल ने बताया कि वनराजि महिला के अब स्वास्थ्य में अब सुधार है। उनको यूरिन इंफेक्शन और टाइफाइड की दिक्कत है। अस्पताल प्रबंधन सभी भर्ती रोगियों का विशेष ध्यान रख रहा है। रोगियों को कोई दिक्कत ना हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। संवाद