जिला अस्पताल में बंद पड़ा अल्ट्रासाउंड कक्ष। संवाद
- फोटो : जिला अस्पताल में बंद पड़ा अल्ट्रासाउंड कक्ष। संवाद
पिथौरागढ़। सीएचसी गंगोलीहाट में अल्ट्रासाउंड शिविर लगने की वजह से जिला अस्पताल में मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। अल्ट्रासाउंड न होने के कारण मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। वहीं, कई मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पताल में जांच करानी पड़ी।
जिला अस्पताल में ही एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती है। जिले के मरीजों और गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड की जिम्मेदारी जिला अस्पताल के ही रेडियोलॉजिस्ट पर है। शनिवार को रेडियोलॉजिस्ट को गर्भवतियों का अल्ट्रासाउंड करने के लिए गंगोलीहाट सीएचसी भेजा गया था। ऐसे में जिला अस्पताल में जांच ठप हो गई। सुबह से 120 से अधिक मरीज अल्ट्रासाउंड कराने के लिए रेडियोलॉजिस्ट के कक्ष के बाहर लाइन में लगे थे। जब उन्हें मालूम चला कि रेडियोलॉजिस्ट नहीं आएंगे तो उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। दूर-दराज से पहुंचे कई मरीजों ने निजी अस्पतालों के चक्कर काटे तब जाकर उनकी जांच हो सकी। धारचूला, मुनस्यारी, डीडीहाट सहित अन्य जगहों से पहुंचे मरीजों का समय और धन दोनों बर्बाद हुआ। संवाद
-
48 गर्भवतियों का हुआ अल्ट्रासाउंड
सीएचसी गंगोलीहाट में अल्ट्रासाउंड शिविर का आयोजन किया गया। गर्भवतियां अल्ट्रासाउंड कराने के लिए सुबह ही अस्पताल पहुंच गईं थीं। भीड़ अधिक होने से उन्हें लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. रामबाबू ने बताया शिविर में 48 गर्भवतियों का अल्ट्रासाउंड किया गया।
कोट
जिला अस्पताल की ओर से वर्तमान में माह के दो शनिवार गंगोलीहाट और डीडीहाट ब्लॉक में अल्ट्रासाउंड जांच शिविर लगाया जाना था। पूर्व में डीडीहाट सीएचसी में अल्ट्रासाउंड शिविर लगाया गया था। इस वजह से शनिवार को गंगोलीहाट सीएचसी में अल्ट्रासाउंड शिविर लगाया गया। ऐसे में जिला अस्पताल में जांच नहीं हो सकीं। - डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़।