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आपदा ने दिए गहरे जख्म: डाल गांव में दो मंजिला मकान ढहा, सैकड़ों नाली भूमि तबाह; पीड़ित ने बयां किया दर्द

Sat, 14 Sep 2024 05:10 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़

सार

पिथौरागढ़ सीमांत को आपदा के गहरे जख्म दे गई। लगातार 33 घंटे हुई मूसलाधार बारिश से व्यापक नुकसान हुआ है। पिथौरागढ़ तहसील के थरकोट पट्टी के डाल गांव में पुष्कर सिंह नेगी का दो मंजिला मकान जमींदोज हो गया।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विदाई के वक्त मानसूनी बारिश पिथौरागढ़ सीमांत को आपदा के गहरे जख्म दे गई। लगातार 33 घंटे हुई मूसलाधार बारिश से व्यापक नुकसान हुआ है। पिथौरागढ़ तहसील के थरकोट पट्टी के डाल गांव में पुष्कर सिंह नेगी का दो मंजिला मकान जमींदोज हो गया।

उनके बेटे प्रेम सिंह ने बताया कि शुक्रवार देर शाम उनके मकान के बायीं ओर की जमीन धंसने लगी। दहशत के मारे सभी लोग घर से बाहर निकल आए। देखते ही देखते मकान पूरी तरह ढह गया। गोठ में दो गाय और तीन बकरी बंधी थी। एक गाय तो सुरक्षित बाहर निकाल ली लेकिन दूसरी गाय और बकरियों को नहीं बचा पाए। पुष्कर सिंह ने शिक्षा विभाग सेवानिवृत्त होने के बाद मकान बनाया था। बेटे प्रेम सिंह और बहू ने काश्तकारी और दूध बेचकर मकान को बाद में दोमंजिला बनाया। घर में एक दिन पूर्व ही रंगरोगन का कार्य पूरा हुआ था। मकान के आसपास लगे फलों के पेड़ और करीब 150 नाली जमीन भी बह गई।

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डाल गांव में करीब 25 परिवार रहते हैं। भारी बारिश से अधिकतर ग्रामीणों की जमीन बह गई है। शनिवार को जिला पंचायत उपाध्यक्ष कोमल मेहता ने विभागीय अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने प्रभावित परिवार को तत्काल मुआवजा राशि देने को कहा। उधर थलकेदार क्षेत्र के भेलौत, स्यूनी, पांगर, डाल, तोली, कांटे, बमन्थल, शाहीखोला, इग्यारदेवी, सिरपोली, बजौड़, फगाली, बेतखोली, जामीरखेत, थरकोट में गधेरे किनारे की सैकड़ों नाली जमीन बह गई है।
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थरकोट में 40 मत्स्य तालाब भी बारिश की भेंट चढ़ गए हैं। घिंघरानी गांव में कई जगहों पर भू स्खलन हुआ है।गांव में बड़ी संख्या में लोग बागवानी कर अपनी आजीविका चलाते हैं। अब लोगों के समक्ष रोजीरोटी का संकट खड़ा हो गया है। गांवों में सिंचाई गूल और रास्ते ध्वस्त हो गए हैं। जिपं उपाध्यक्ष मेहता ने क्षेत्र को आपदाग्रस्त घोषित कर लोगों को राहत देने का अनुरोध किया है। 

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