बंगापानी (पिथौरागढ़)। विस्थापन होने के बाद भी बिंदी गांव के आपदा प्रभावितों का पुनर्वास नहीं किया जा सका है। पुनर्वास न होने से ये परिवार आपदा प्रभावित गांव में ही रहने को मजबूर हैं। शनिवार को बिंदी गांव में फिर से भूस्खलन होने से दो मकानों को खतरा पैदा हो गया है। प्रभावितों ने प्रशासन से जल्द उनका पुनर्वास किए जाने की मांग की है।
शनिवार सुबह करीब आठ बजे ग्राम पंचायत टांगा के बिंदी तोक में दो मकानों के आगे भूस्खलन हो गया। इससे दुर्गा सिंह और उनके पुत्र बहादुर सिंह के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। आंगन धंसने से मकान के गिरने की संभावना बनी हुई है। इन परिवारों को वर्ष 2023 में विस्थापित किया जा चुका है। मल्ला बिंदी के आपदा प्रभावित सात परिवारों में से तीन परिवारों को ग्राम पंचायत सिरतोला में भवन निर्माण के लिए भूमि भी आवंटित की गई।
भवन निर्माण के लिए पहली किश्त प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में जारी की गई, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के कारण प्रभावित अब तक सिरतोली में भवन निर्माण नहीं कर पाए हैं। अब बीते शनिवार को मल्ला बिंदी में फिर से भूस्खलन की घटना से प्रभावित परिवारों की सुरक्षा का सवाल गंभीर हो गया है। ग्राम प्रधान विक्रम सिंह बथ्याल ने प्रभावित परिवारों ने जिलाधिकारी से ग्राम पंचायत सिरतोला में भूमि आवंटन को लेकर उत्पन्न विवाद का शीघ्र निस्तारण कराए जाने की अपील की है।
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बूंंदी गांव के प्रभावितों को सिरतोली और अन्य स्थानों में विस्थापित कर दिया गया है। भवन निर्माण के लिए उन्हें शासन से पहली किश्त भी जारी हो चुकी है। प्रभावित अब तक विस्थापित क्यों नहीं हुए, इसकी जानकारी ली जाएगी। आशीष जोशी, एसडीएम धारचूला