जौलजीबी-टनकपुर निर्माणाधीन सड़क पर अमतड़ी एवं रणुवा के बीच सोमवार शाम मलबे में दबे ठेकेदार और उनके मुंशी का शव आधी रात के बाद बरामद कर लिया गया। करीब छह घंटे तक चले इस रेस्क्यू अभियान में पुलिस, एसएसबी और एसडीआरएफ के जवानों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। मंगलवार सुबह दोनों शवों का जिला मुख्यालय में पोस्टमार्टम करने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया है। ठेकेदार की आकस्मिक मौत पर यहां कई संगठनों ने दुख जताया है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डा. आरएस राणा ने बताया कि पिथौरागढ़ नगर से सटे पौण निवासी ठेकेदार उमेश वल्दिया (36) पुत्र विक्रम सिंह और उनके मुंशी जीवन बोरा (35) पुत्र लक्ष्मण सिंह निवासी रणुवा के शव रात 12.30 बजे मलबे से निकाल लिए गए। मलबा हटाने के लिए जेसीबी की मदद लेनी पड़ी। घटनास्थल के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा गिर गया और ठेकेदार उमेश वल्दिया और विक्रम सिंह मलबे में दब गए थे। पोकलेन ड्राइवर उस समय पानी लेने के लिए गया था, इस कारण उसकी जान बच गई।
मौके पर मौजूद पोकलेन, कंप्रेशर मशीन और ट्रैक्टर मलबे में दब गए। शवों को मंगलवार तड़के तीन बजे जिला मुख्यालय पहुंचाया गया। एसएसबी की स्थानीय बार्डर आउट पोस्ट में तैनात जवान, जिला मुख्यालय से एसडीआरएफ केजवान और अस्कोट थाने के प्रभारी केसी आर्य, पुलिसकर्मी सुंदर सिंह, मुकेश नाथ, गणेश राम, सुरजीत राणा, शैलेंद्र राणा, मुकेश फर्त्याल, देवेंद्र कुमार, चंद्रमोहन, महेंद्र सिंह, लोनिवि के ईई एबी कांडपाल, एई दिनेश रावल, हेमंत चंदोला, मनीष खड़ायत, हरीश नेगी, ललित मोहन आदि पूरी रात घटनास्थल पर मौजूद रहे। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र बोहरा ने घटना की जानकारी कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत को दी है और दोनों के परिजनों को आर्थिक मदद देने की मांग की है।
इस घटना पर भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र वल्दिया, किशन खड़ायत, मनोज भट्ट, गोविंद महर, रवि लुंठी, कृपाल वल्दिया आदि ने दुख जताया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत ने घटना पर गहरा शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद देने की मांग की है। पोस्टमार्टम के समय बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।