डाक विभाग की ओर से पहली बार नगरपालिका हाल में लगाई गई डाक टिकटों की प्रदर्शनी को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, आम लोग, विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रदर्शनी के माध्यम से डाक टिकटों के इतिहास को सामने लाने की कोशिश की गई है। देश की आजादी के बाद महापुरुषों पर आधारित डाक टिकट जारी किए गए थे। इसके अलावा दर्शनीय स्थलों के डाक टिकट भी प्रचलन में आए। अब डाक विभाग अपने कर्मचारियों की ओर से तैयार डाक टिकटों को भी जारी करने लगा है।
प्रदर्शनी का उद्घाटन भारत तिब्बत सीमा पुलिस 14वीं वाहिनी के सेनानी रणवीर सिंह चौहान ने किया। कहा कि नई पीढ़ी को इससे डाक टिकटों के इतिहास का बोध होगा। डाक अधीक्षक जीसी भट्ट ने प्रदर्शनी के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। कहा कि डाक विभाग ने भी अब कोर बैंकिंग सेवा शुरू कर दी है। अल्मोड़ा के डाक अधीक्षक एसके कंडवाल ने भी डाक विभाग की योजनाएं बताईं।
प्रदर्शनी में टिकट कलेक्शन के शौकीनों की ओर से उपलब्ध डाक टिकट लगाए गए हैं। इनमें 1924 में ओलंपिक के समय जारी डाक टिकट, ब्रिटेन में प्रचलित डाक टिकट, महात्मा गांधी, सरदार बल्लभ भाई पटेल पर जारी डाक टिकट, हिमालयन फ्लावर, डाक विभाग के कर्मचारियों की ओर से तैयार डाक टिकट शामिल हैं। प्रदर्शनी रविवार को भी लगेगी।