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Pithoragarh News: जारा जिबली से प्रसिद्ध छिपला केदार तक बनेगा ट्रेकिंग रूट, 86 लाख रुपये से हो रहा है निर्माण

Tue, 20 Aug 2024 12:31 PM IST
हीरा मेहरा जीवन वर्ती, संवाद

सार

बंगापानी तहसील के प्रसिद्ध छिपला केदार तक ट्र्रैकर और यात्री आसानी से पहुंच सकेंगे। इसके लिए जिला पंचायत 86 लाख रुपये से जारा जिबली से छिपला केदार तक छह किमी ट्रेकिंग रूट का निर्माण कर रहा है।
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जारा जिबली से प्रसिद्ध छिपला केदार तक बनेगा ट्रेकिंग रूट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पिथौरागढ़ जिले के बंगापानी तहसील के प्रसिद्ध छिपला केदार तक ट्र्रैकर और यात्री आसानी से पहुंच सकेंगे। इसके लिए जिला पंचायत 86 लाख रुपये से जारा जिबली से छिपला केदार तक छह किमी ट्रेकिंग रूट का निर्माण कर रहा है। इसका निर्माण कार्य पूरा होने से ट्रैकरों और यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

समुद्रतल से 4500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित प्रसिद्ध छिपला केदार के दर्शन के लिए हर किसी का सपना रहता है। स्थानीय गांवों के लोग हर साल यहां पूजा के लिए जाते हैं। गुप्त कैलाश के नाम से के इस क्षेत्र में दुर्लभ वन्यजीव और पक्षी पाए जाते हैं। इसलिए देश विदेश के फोटाेग्राफर ट्रेकिंग के लिए यहां पहुंचते हैं। यहां जाने के लिए रास्ता बदहाल होने से कम ही ट्रैकर पहुंच पाते हैं।

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जिला पंचायत यहां पर्यटन गतिविधियां बढ़ाने और ट्रैकरों को आकर्षित करने के लिए 86 लाख रुपये से छह किमी लंबा ट्रेकिंग रूट बना रहा है। ट्रेकिंग के दौरान सुकदौ, भनार, चूली, तेजमखया, केदार कुंड, छिपला कुंड और पंचाचूली का मनोरम दृश्य पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षिक करता है। जिला पंचायत के जेई कमल कठायत ने बताया कि छह किमी ट्रेकिंग रूट का निर्माण किया जा रहा है। इसके बाद कुंड तक पहुंचने के लिए सात किमी ट्रेकिंग रूट का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।

छिपला केदार की पौराणिक मान्यता
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार इसे अतीत में गुप्त कैलाश (छिपा हुआ कैलाश) के नाम से जाना जाता था। हर दो साल में करीब 40 गांवों के लोग यहां पूजा के लिए जाते हैं। इस क्षेत्र में दुर्लभ वन्यजीव कस्तूरी मृग, थार, भरल, हिम तेंदुआ, जंगली बकरी, पीले गले वाला नेवला, मोनाल सहित कई अन्य दुर्लभ पशु-पक्षी पाए जाते हैं।

छिपला केदार ट्रेक को तीर्थयात्रा मार्ग माना जाता है। यहां पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने और ट्रैकरों को आकर्षित करने के लिए ट्रेकिंग रूट बनाया जा रहा है। इसके बनने से स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलेगा।

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- संजीव बिष्ट, ग्राम प्रधान जारा जिबली।

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