कुमाऊं कमिश्नर अवनेंद्र नयाल पिथौरागढ़ से चंडाक तक 88.76 लाख रुपये की लागत से बनाए जा रहे ट्रेकिंग रूट के काम को देखकर बुरी तरह भड़क उठे। उन्होंने काम को बेहद घटिया बताते हुए एसडीएम सदर को तकनीकी टीम के साथ निर्माण कार्य की जांच करने के आदेश दे दिए। साथ ही जांच में घटिया काम की पुष्टि होने पर कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए।
जिले के दौरे पर आए कुमाऊं आयुक्त ने शुक्रवार को ट्रेकिंग रूट का निरीक्षण किया। कमिश्नर ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को अत्यधिक खराब बताते हुए कहा कि लोगों को खड़ंजे से बाहर चलना पड़ रहा है, यह गंभीर स्थिति है। कहा कि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए पहले से बनाए गए मार्ग को बेहतर बनाने के लिए शासन से ट्रेकिंग रूट के लिए धन अवमुक्त कराया गया, ताकि लोग ट्रेकिंग कर चंडाक तक जा सकें और वहां से हिमालय के विहंगम दृश्य को देख सकें, लेकिन कार्यदायी संस्था सरकार की मंशा पर पानी फेरने का काम कर रही है।
उन्होंने जिलाधिकारी विनोद गिरी गोस्वामी को ट्रेकिंग रूट के साथ ही कार्यदायी संस्था पर्यटन अवस्थापना (एडीबी) शाखा भीमताल के जिले में चल रहे अन्य कार्यों का स्वयं स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। कार्यदायी संस्था 4.54 करोड़ की लागत से पिथौरागढ़ के ऐतिहासिक किले और 81.18 लाख रुपये की लागत से मोस्टामानू मंदिर का भी सौंदर्यीकरण का काम कर रही है। बाद में कमिश्नर ने जिला कार्यालय और विकास भवन के सभी पटलों का निरीक्षण किया। उन्होंने जिलाधिकारी को नई खुली तहसीलों के लिए जमीन चयनित करने के आदेश दिए। कहा कि भवनों के डिजाइन लोनिवि के मानक के अनुसार तैयार किए जाएं।