सोर महोत्सव का बुधवार अपरान्ह पुरस्कार वितरण के साथ समापन हो गया। समापन से पहले कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दी। समापन अवसर पर भी भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। श्रीरामलीला प्रबंधकारिणी समिति और निजी स्कूल एसोसिएशन ने महोत्सव का आयोजन किया। समापन अवसर पर मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र वल्दिया ने कहा कि सोर महोत्सव को हर साल आयोजित किया जाए। इसमें सभी लोगों को सहयोग के लिए आगे आना होगा।
रामलीला प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह माहरा ने कहा कि लोगों के सहयोग से महोत्सव को तीन दिन के बजाय चार दिन तक चलाया गया। निजी स्कूल एसोसिएशन के सचिव मनोज कुमार जोशी ने कहा कि विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने बेहतरीन कार्यक्रम पेश किए और लोगों ने खूब आनंद उठाया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया।
एकल गायन सब जूनियर वर्ग में मानस एकेडमी की रितिका पाटनी, जूनियर वर्ग में तपोवन विद्यास्थली की दिव्यता कोहली, सीनियर वर्ग में डानबास्को स्कूल की शिवांगी पुनेड़ा ने पहला स्थान पाया। समापन कार्यक्रम का संचालन कै. दीवान सिंह वल्दिया, मीनू भट्ट, नवीन भट्ट, दीप्ति वर्मा ने किया। इस मौके पर गुरुकुल के प्रबंधक रमेश चंद्र जोशी, दीपक नगरकोटी, मनीष लोहिया, राकेश साह आदि लोग थे।
बेकार नहीं गई कलाकारों की तैयारी
नवंबर अंतिम सप्ताह में शरदोत्सव के लिए तैयारी कर चुके कलाकारों को सोर महोत्सव में अपना हुनर दिखाने का मौका मिल ही गया। शरदोत्सव का आयोजन आखिरी मौके पर स्थगित हो गया था, लेकिन स्कूलों में बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी कर चुके थे। शरदोत्सव में भाग लेने की तैयारी कर चुके सभी बच्चों ने सोर महोत्सव के मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाई।
गुरुकुल के बच्चों का उत्कृष्ट प्रदर्शन
सोर महोत्सव में गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा। ऐंपण प्रतियोगिता इस स्कूल की दीक्षा भट्ट ने सीनियर वर्ग में प्रथम और सैजल बिष्ट ने तृतीय स्थान पाया। ऐंपण जूनियर वर्ग में स्कूल की काव्या जोशी ने दूसरा, वर्तिका जोशी ने तीसरा, सब जूनियर वर्ग में पायल मेहता ने पहला, हिमांशु राज ने तीसरा स्थान पाया। सामान्य ज्ञान में स्कूल के मानस पांडे, अंकित द्विवेदी, रोहित जोशी अपने-अपने वर्ग में प्रथम रहे। फैंसी ड्रेस में दीक्षा वल्दिया दूसरे स्थान पर रही। स्कूल के प्रबंधक रमेश चंद्र जोशी ने कहा कि बच्चों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा।