भारत-तिब्बत सीमा पर स्थित रालम गांव में संदिग्ध व्यक्ति मिला है। तहसील मुख्यालय से 58 किलोमीटर की दूरी पर स्थित 3600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित रालम गांव तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं। इतनी दूर पर यह अजनबी व्यक्ति कैसे पहुंच गया, इसे लेकर लोग आश्चर्य में हैं। रालम माइग्रेशन गांव है। वहां अक्तूबर से लेकर अप्रैल अंत तक कोई नहीं रहता। फिर यह व्यक्ति किस मकसद से वहां पहुंचा इसे लेकर संशय है।
बताया गया कि रालम गांव में माइग्रेशन से वापस आने से पहले कुछ लोग मकानों की देखरेख के लिए पहुंचे थे। 21 अप्रैल को जब वे गांव पहुंचे तो वहां पहले से ही एक अनजान व्यक्ति मौजूद था। जब ग्रामीणों ने उससे पूछताछ की तो वह अजीब और अस्पष्ट भाषा बोल रहा था। 22 अप्रैल को यह व्यक्ति रालम से दो किलोमीटर दूर मस्तीधूरा की बुग्याल में देखा गया।
पातो और बुई गांव के लोग रालम गांव में ग्रीष्मकालीन प्रवास पर जाते हैं। पातो निवासी हरीश दरियाल ने बताया उन्हें यही व्यक्ति रालम जाने वाले रास्ते में ठेला नामक स्थान पर मिला था। गांव के प्रह्लाद दरियाल, नारायण दरियाल, जगदीश दरियाल, मन्नू राम, सोनू कुमार, गौरव कुमार ने इस व्यक्ति से पूछताछ करनी चाही लेकिन वह अस्पष्ट भाषा में बोल रहा है। एसडीएम वैभव गुप्ता ने मामला में प्रकाश में आने के बाद रविवार की सुबह तहसीलदार खुशाल राम और पुलिस की टीम को रालम गांव भेज दिया है। एसडीएम ने कहा है कि इस व्यक्ति को पकड़कर पूछताछ की जाएगी।