दिल्ली को रवाना होता कैलास यात्रियों का 14वां दल
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कैलास मानसरोवर यात्रियों का 14वां दल यात्रा पूरी कर लौट गया है। यात्रा बिना किसी बाधा के संपन्न होने से यात्री बेहद खुश हैं। यात्रा मार्ग की व्यवस्थाओं को लेकर यात्रियों ने संतोष जताया। तिब्बत में भी अब व्यवस्थाओं में सुधार होने लगा है। सभी यात्री तिब्बत में तेजी से हो रहे विकास से बेहद आश्चर्य में हैं। उनका कहना है कि चीन ने अपना सारा ध्यान तिब्बत के विकास में लगा दिया है। तिब्बत में तकलाकोट से लेकर लिपुलेख दर्रे तक फोरलेन सड़क बनी है।
संचार की बेहतरीन सुविधा है। इसकी तुलना में भारतीय क्षेत्र में सुविधाओं का अभाव है। यात्रियों का कहना है कि इस बार गुंजी से कालापानी तक वाहनों से यात्रियों को भेजने का एलान हुआ था, लेकिन यह व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई। अब यह ध्यान देना चाहिए कि अगले साल तक यात्रियों को वाहनों से भेजने की व्यवस्था जरूर की जाए।
दल के लायजन आफीसर एस प्रकाश ने बताया कि 14वें दल में 9 महिलाओं समेत 40 यात्री हैं। सभी ने कैलास पर्वत के दर्शन किए और मानसरोवर झील में स्नान किया। उन्होंने बताया कि पैदल रास्ते में भी किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। केएमवीएन और आईटीबीपी ने रास्ते में बेहतरीन व्यवस्थाएं की हैं। यहां पर्यटक आवासगृह में प्रबंधक दिनेश गुरुरानी और उनके स्टाफ ने यात्रियों का स्वागत किया। यात्रियों ने मानसरोवर स्मृति वन में पौधे रोपे। उत्साह के साथ दल के सदस्य दिल्ली को रवाना हो गए हैं। कैलास मानसरोवर की यात्रा पर इस समय चार दल और गए हैं।