पिथौरागढ़। जिस ठूलीगाड़ पंपिंग योजना के पानी को नगर की 25 हजार से अधिक की आबादी पी रही है उसके डैम की सफाई सात साल से नहीं हुई है। मिट्टी और गाद सहित तमाम तरह की गंदगी के कारण डैम का पानी काला पड़ चुका है। इस पानी के इस्तेमाल से बीमारियां बढ़ने का खतरा है।
पिथौरागढ़ नगर के लिए जल संकट को देखते हुए वर्ष 2001 में ठूलीगाड़ लिफ्ट पेयजल योजना का निर्माण किया गया था। इसका फिल्टर प्लांट कासनी में है। शुरुआत में इस योजना से तीन एमएलडी पानी की आपूर्ति हुई। जब इस योजना का निर्माण हुआ था उस समय पानी अधिक दूषित नहीं था। धीरे-धीरे आबादी बढ़ी तो जाजरदेवल और रई से लेकर ठूलीगाड़ क्षेत्र की गंदगी इसी गाड़ में समाने लगी। यहां तक कि वर्ष 2017 में पानी में सीवर जाने से शहर के कई लोग पीलिया की चपेट में आ गए थे। इसके बाद इस योजना से आपूर्ति बंद करने की मांग उठी थी।
पंपिंग के लिए जिस स्थान से पानी टैप किया हुआ है वहां से सेना को भी पानी की सप्लाई होती है। सेना ने एक छोटा सा डैम बनाया है। जल संस्थान के अधिकारियों के अनुसार लगभग सात वर्ष पूर्व बनाए गए इस डैम की निर्माण के बाद से कभी सफाई नहीं की गई है। डैम के जिस निचले हिस्से से नगर के लिए बनी लिफ्ट पेयजल योजना के लिए पानी की सप्लाई दी गई है वह पूरी तरह से गाद और मिट्टी से भर गया है। डैम में रई की तरफ मिट्टी के साथ ही प्लास्टिक कचरा भी भरा हुआ है।
जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के आरटीआई कार्यकर्ता सुबोध बिष्ट का कहना है कि रई गाड़ में सीवर बहाया जा रहा है। तमाम तरह की गंदगी प्रवाहित हो रही है। डैम का पानी काला पड़ चुका है। इस तरह के पानी को जनता को पिलाया जाना जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। यदि इस मामले में उचित कार्यवाही नहीं की जाती है तो न्यायालय में जनहित याचिका दायर की जाएगी। संवाद
आंवलाघाट से आपूर्ति होती तो क्यों पीते गंदा पानी
पिथौरागढ़। जनमंच पानी पंचायत के संयोजक भगवान सिंह रावत का कहना है कि लगभग 80 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई आंवलाघाट से आज तक पर्याप्त पानी नहीं मिला है। यदि आंवलाघाट और घाट से पर्याप्त पानी मिलता तो इस गंदे पानी को नहीं पीना पड़ता। उनका कहना है कि इस मामले में डीएम से मुलाकात कर उचित कार्यवाही करने की मांग की जाएगी। संवाद
कोट
शहर में पानी की आपूर्ति फिल्टर और क्लोरीनेशन करने के बाद ही की जाती है। जहां से पानी पंप हाउस के लिए जाता है वहां पर काफी मिट्टी भर चुकी है। डैम की सफाई होनी जरूरी है। इस संबंध में जिला प्रशासन को भी अनुरोध पत्र भेजा गया है। - सुरेश जोशी, ईई, जल संस्थान, पिथौरागढ़।
कोट
जल संस्थान को उचित फिल्टरेशन और क्लोरीनेशन करने के बाद ही साफ पानी की आपूर्ति करने के निर्देश दिए गए हैं। डैम की सफाई के लिए सेना से पत्राचार किया जाएगा। - रीना जोशी, जिलाधिकारी पिथौरागढ़।