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तेंदओं की दो खालों, भालुओं की दो पित्तियों के साथ तीन गिरफ्तार

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पिथौरागढ़ में साधु से बरामद तेंदुए की खाल के साथ वन विभाग और एसओजी की टीम। संवाद - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ वन विभाग ने दो अलग-अलग मामलों में तेंदुओं की दो खालों और भालुओं की दो पित्तियों के साथ एक साधु सहित तीन लोगों को पकड़ा है। तेंदुओं की दोनों खालों के साथ दांत भी मिले हैं। खालें एक से डेढ़ साल पुरानी बताई जा रहीं हैं। वन विभाग की टीम पूछताछ कर रही है।
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शनिवार की शाम साढ़े आठ बजे अस्कोट रेंज की टीम ने रेंजर बालम सिंह अल्मिया के नेतृत्व में छापा मारकर धारचूला के खुमती गांव के समीप आन सिंह और त्रिलोक सिंह से एक तेंदुए की खाल और भालुओं की दो पित्तियां बरामद कीं। खाल की लंबाई 2.60 मीटर है, इसके साथ दांत भी हैं। भालू की एक पित्ती का वजन 220 ग्राम, जबकि दूसरी का 20 ग्राम है।
इधर रविवार को वन विभाग पिथौरागढ़ और एसओजी ने मड़ खड़ायत के समीप कफलाड़ी स्थित एक मंदिर में रहने वाले बाबा चंदन गिरि से तेंदुए की खाल बरामद की। इसकी लंबाई दो मीटर है। खाल के साथ ऊपरी जबड़े के चार कैनाइन दांत और निचले जबड़े के 11 छोटे दांत मिले हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार बाबा ने यह खाल उसे किसी शिष्य ने देने की बात कही है। तेंदुए की खाल असल में कहां से आई इस संबंध में पूछताछ की जा रही है। इस खाल के एक से डेढ़ साल पुराना होने का अनुमान है। पकड़े गए लोगों के खिलाफ वन विभाग ने वन्य जीव अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
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टीम में ये लोग रहे शामिल
पहली टीम में वन दरोगा नंदा बल्लभ, हितेश सिंह कार्की, वन आरक्षी करन सिंह धामी शामिल थे। दूसरी टीम में रेंजर दिनेश जोशी, मनोज ज्याला, बृजेश विश्वकर्मा, गणेश चिराल, योगेश चंद्र, एसओजी के एसआई प्रकाश चंद्र पांडेय थे।
वन विभाग की अस्कोट रेंज की टीम ने दो लोगों को तेंदुए की खाल और भालुओं की दो पित्तियों के साथ पकड़ा है। पिथौरागढ़ वन विभाग और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक साधु से तेंदुए की खाल बरामद की है। पूछताछ की जा रही है। पकड़े गए लोगों की तस्करी के तार कहां जुड़े हैं, इसका पता लगाया जा रहा है। - डॉ.विनय भार्गव, डीएफओ पिथौरागढ़।
सीमांत जिले में लगातार सामने आ रहे वन्यजीव अंगों की तस्करी के मामले
पिथौरागढ़। सीमांत पिथौरागढ़ जिले में वन्य जीव अंगों की तस्करी के मामले लगभग हर साल सामने आते हैं। वर्ष 2013 में भालू की पित्ती के साथ बेड़ीनाग में बागेश्वर का एक युवक पकड़ा गया था। 2017 में मुनस्यारी निवासी दो युवक भालुओं की पित्ती के साथ पकड़े गए थे। 2018 में मुनस्यारी में ही एक युवक भालू की पित्ती के साथ पकड़ा गया था।
पिथौरागढ़ जिले में तेंदुए की खालों की तस्करी का यह तीसरा मामला है। इस साल मार्च में सेराघाट में एसटीएफ ने तेंदुओं की छह खालों, नाखून, दांत के साथ एक तस्कर को पकड़ा था। जुलाई में तेंदुए की खाल के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। अब ताजा मामले में दो खालों और भालुओं की दो पित्तियां बरामद हुईं हैं। तस्कर वन्य जीव अंगों को बेचकर लाखों रुपये का कारोबार करते हैं। पिथौरागढ़ के डीएफओ विनय भार्गव का कहना है कि वन्य जीवों को मारकर उनके अंगों की तस्करी करना गंभीर अपराध है। वन विभाग तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।
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