चार दिन से जल रहे हजारों पेड़, लाखों का नुकसान
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पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी और बागेश्व जिले के कपकोट के वनों में चार दिन पूर्व से लगी आग बुझने के बजाय बढ़ते जा रही है। चार दिन के भीतर आग से हजारों पेड़-पौधों के साथ ही वन्य जीवों को नुकसान हो चुका है। विभागीय कर्मचारियों के साथ ही ग्रामीण भी हाथ पर हाथ धरे चुप्पी साधे हैं।
मुनस्यारी तहसील के ग्राम पंचायत चामी भैंसकोट के वन पंचायत में तीन दिन से लगी आग ने 105 हेक्टेअर क्षेत्र में बांज, फल्यांट, काफल, बुरांश आदि कीमती पेड़ पौधों को भारी मात्रा में नुकसान हुआ है। रामगंगा घाटी से लगे वन विभाग कपकोट रेंज के मुनधूरा, हल्द्वानी, केंचुआ, काभड़ी, भकुंडा, खेती, पाल्नाधूरा, कनोली तक आठ किमी क्षेत्र में आग से वनों को अत्यधिक मात्रा में नुकसान पहुंचा हुआ है। लोग जंगलों से उठ रहे धुंए का धुंआ देख रहे हैं फिर भी इन वनों में आग बुझाने के लिए कोई प्रयास तक नहीं कर रहे हैं। जंगल धधक-धधक कर जल रहे हैं। माना जा रहा है कि इन जंगलों में लगी आग का नतीजा कुछ समय बाद बरसात के मौसम में दिखाई देने लगेगा। बरसात शुरू होते ही हरियाली के स्थान पर जगह-जगह भूस्खलन दिखाई देगा। एक तरफ वनों को बढ़ावा देने के लिए पौधरोपण किया जाता है दूसरी ओर उनको सुरक्षित रखने के लिए किसी प्रकार का कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
गटघोरगाड़ी जंगल में महिलाओं ने बुझाई आग
नाचनी। वन पंचायत भैंसखाल से सटे गटघोरगाड़ी के जंगल में सोमवार दोपहर आग लगने से 4 हेक्टेअर क्षेत्र में आग से नुकसान हुआ। आग लगते देख सरपंच द्रौपती देवी के नेतृत्व में पार्वती देवी समेत तमाम महिलाओं ने जंगल जाकर आग पर काबू पाया।