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कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर स्थित है यह मंदिर

Fri, 18 Mar 2016 10:44 PM IST
ब्यूराे/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर स्थित है यह मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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12 जून से शुरू होने वाली कैलास मानसरोवर यात्रा की व्यवस्था देखने वाली भारत तिब्बत सीमा पुलिस की सातवीं वाहिनी ने यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले कालापानी मंदिर को भव्य तरीके से सजा दिया है। इसके अलावा गुंजी और गर्ब्यांग में स्थित मंदिरों को भी यात्रा शुरू होने से पहले सजाया जाएगा। यात्रा मार्ग पर कालापानी, गर्ब्यांग और गुंजी के मंदिरों का बड़ा महत्व है। यात्री आते-जाते समय इन मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं।
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आईटीबीपी सातवीं वाहिनी के सेनानी केदार सिंह रावत ने बताया कि कालापानी मंदिर को सजा दिया गया है। कालापानी से महाकाली का उद्गम होता है। वहां पर काली का मंदिर बना है। कालापानी मंदिर के पास यात्रियों के बैठने की भी व्यवस्था की गई है। ऐसे ही इंतजाम गर्ब्यांग और गुंजी में भी किए जाएंगे। जून में यात्रा शुरू होने पर यात्रियों को रास्ते में कैलास मानसरोवर पहुंचने से पहले ही आध्यात्मिक माहौल मिल जाएगा।


गाला से बूंदी तक डेंजर जोन घोषित
आईटीबीपी ने गाला से बूंदी तक, गर्ब्यांग से गुंजी तक और नाभीढांग से कालापानी तक के रास्ते को डेंजर जोन घोषित कर दिया है। इन स्थानों पर आईटीबीपी की आपदा प्रबंधन टीम और रेस्क्यू टीम तैनात रहेगी। यात्रियों को खतरनाक रास्तों से सुरक्षित ले जाने के इंतजाम होंगे। आईटीबीपी के सेनानी केदार सिंह रावत ने बताया कि आपदा प्रबंधन टीम मई अंत में तैनात हो जाएगी।
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गुंजी में 15 महिला जवान अभी से तैनात
आईटीबीपी ने गुंजी में 15 महिला जवानों की तैनाती कर दी है। गुंजी कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग का अहम पड़ाव है। महिला जवान यात्रा के दौरान महिला यात्रियों की सुरक्षा करेंगी और गुंजी से आगे ले जाने में मदद करेंगी। सेनानी केदार सिंह रावत ने बताया कि गुंजी में डॉक्टरों की टीम मई अंतिम सप्ताह में पहुंच जाएगी।

गुंजी से नाभीढांग तक वाहनों से होगा सफर
सीमा सड़क संगठन गुंजी और नाभीढांग के बीच कालापानी में एक पुल के निर्माण को अंतिम रूप दे रहा है। यात्रा शुरू होने से पहले यह पुल तैयार हो जाएगा और इस बार यात्री गुंजी से नाभीढांग तक 19 किलोमीटर का सफर वाहन से करेंगे। आईटीबीपी ने हेलीकाप्टर के जरिए दो वाहन पहले ही गुंजी पहुंचा दिए हैं। एक वाहन और मंगाया गया है। इधर, कुमाऊं मंडल विकास निगम ने गुंजी में चार वाहन रखने का एलान तो किया है लेकिन अब तक यह वाहन गुंजी नहीं पहुंचे हैं। केएमवीएन के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया का कहना है कि वाहन खरीद लिए गए हैं। उनको गुंजी पहुंचाने के लिए हेलीकाप्टर की व्यवस्था की जा रही है।

जून तक पिघलेगी रास्ते की बर्फ
आईटीबीपी के सेनानी केदार सिंह रावत ने बताया कि नाभीढांग से लिपुलेख के बीच इस समय बर्फ है, जो जून तक पिघल जाएगी। आईटीबीपी की टीम ने पैदल रास्ते का सर्वे करने के बाद विदेश मंत्रालय और आईटीबीपी महानिदेशालय को रिपोर्ट भेज दी है, यदि आगे मौसम बिगड़ता है तो अप्रैल में फिर से टीम भेजी जाएगी।
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